पटनासिटी, न्यूज़ क्राइम 24। मुहर्रम के आठवें दिन शिया समुदाय द्वारा पारंपरिक मातमी जुलूस निकाला गया। यह जुलूस पूरी तरह शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें न कोई डीजे, न शोर-शराबा और न ही किसी प्रकार के नारे लगाए गए। श्रद्धालु हाथों में आलम लेकर हजरत इमाम हुसैन एवं कर्बला के शहीदों की याद में मातम करते हुए आगे बढ़े। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह जुलूस कर्बला के उन शहीदों की स्मृति में निकाला जाता है, जिन्हें पानी से वंचित कर दिया गया था और जिन्होंने प्यास की पीड़ा सहते हुए शहादत प्राप्त की थी। इसी स्मरण में शिया समुदाय के लोग हर वर्ष मातमी जुलूस निकालते हैं।
इस अवसर पर भीषण गर्मी को देखते हुए जगमोहनलाल शिवरतनलाल ज्वैलर्स की ओर से जुलूस में शामिल लोगों के लिए शर्बत एवं शीतल पेयजल की व्यवस्था की गई। संस्था के प्रोपराइटर शशि शेखर रस्तोगी ने स्वयं श्रद्धालुओं को पानी और शर्बत वितरित कर उनकी सेवा की। प्रोपराइटरों ने बताया कि मुहर्रम के दौरान मातमी जुलूस में शामिल लोगों की सेवा करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि यह छोटी-सी सेवा संस्था द्वारा प्रत्येक वर्ष की जाती है, ताकि कर्बला के शहीदों की याद में निकलने वाले जुलूस में शामिल लोगों को राहत मिल सके। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे सामाजिक सौहार्द और मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। इस अवसर पर संजीव देवड़ा समेत अन्य लोग मौजूद थे।
