पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, पटना जिला शाखा ने स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने और नर्सिंग विद्यार्थियों को बेहतर व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। संस्था की ओर से नालंदा चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (NMCH) परिसर स्थित नर्सिंग कॉलेज को उच्च गुणवत्ता वाले ऑक्सीजन कंसंट्रेटर दान किए गए। यह पहल रेड क्रॉस सोसाइटी, पटना जिला शाखा के सचिव डॉ. मुकुल कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों एवं चिकित्सकों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. मुकुल कुमार सिंह ने कहा कि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के माध्यम से नर्सिंग विद्यार्थी आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे उपकरण विद्यार्थियों को वास्तविक परिस्थितियों में बेहतर तरीके से काम करने के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संध्या सिंह ने रेड क्रॉस सोसाइटी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर नर्सिंग विद्यार्थियों के प्रशिक्षण में बेहद उपयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा कि संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त कर विद्यार्थी आगे चलकर आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में अपनी भूमिका निभाएंगे। पढ़ाई के दौरान प्रत्यक्ष प्रशिक्षण मिलने से उनकी कार्यकुशलता और सेवा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
इस अवसर पर शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश कुमार ने नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा करते हुए ALS (Advanced Life Support) और BLS (Basic Life Support) की निशुल्क ट्रेनिंग देने की सहमति जताई। उनकी इस सेवा भावना की प्राचार्य डॉ. संध्या सिंह ने सराहना करते हुए धन्यवाद दिया।
कार्यक्रम में डॉ. संतोष कुमार, विभागाध्यक्ष, मानसिक रोग विभाग, NMCH; डॉ. राजकिशोर प्रसाद, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. कृष्णानंद जैमन, डॉ. विपुल चतुर्वेदी, शांति श्वेता, नीतू कुमारी, चंद्र अर्धम एवं हर्ष रोशन समेत कई चिकित्सक, पदाधिकारी एवं अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में कॉलेज प्रशासन एवं उपस्थित अतिथियों ने रेड क्रॉस पटना जिला शाखा के इस जनहितकारी एवं शैक्षणिक सहयोग की सराहना की। आयोजकों ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐसे सहयोग से न केवल चिकित्सा सुविधाओं को मजबूती मिलेगी, बल्कि भावी स्वास्थ्यकर्मियों को बेहतर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्राप्त होगा।
