बेऊर सहित 59 जिलों के जेलों में हुई छापेमारी

पटना: दो दिन पहले पटना की बेउर जेल में राजस्थान के दौसा के रहने वाले साइबर अपराधी कुणाल शर्मा की उठक-बैठक करने का एक वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन की नींद खुली है। बुधवार की सुबह-सुबह प्रशासन और पुलिस के अधिकारी हरकत में रहे। इनकी ज्वाइंट टीम ने पूरे बिहार की जेलों में बड़ी कार्रवाई की है। पटना की बेउर समेत तमाम जिलों की जेलों में छापेमारी हुई है। वो भी उस वक्त जब जेल में मौजूद कैदी गहरी नींद में सो रहे थे। उठने का टाइम होने ही वाला था कि वहां छापेमारी शुरू हो गई। कई जेलों से चाकू, मोबाइल और नशे के सामान बरामद हुए हैं.

बिहार की 59 जेलों में छापेमारी-

भागलपुर, पूर्णिया, बेगूसराय, कटिहार, किशनगंज, समस्तीपुर, नवादा, बिहारशरीफ, गोपालगंज, बक्सर, आरा, छपरा, औरंगाबाद, हाजीपुर समेत बिहार की 59 जेलों में यह छापेमारी हुई है। इसमें भागलपुर जेल से 25 पुड़िया खैनी, किशनगंज जेल से चाकू कांटी और तंबाकू, कटिहार जेल से नशे का सामान, बिहारशरीफ जेल से 3 मोबाइल, छपरा जेल से 1 मोबाइल, गोपालगंज जेल मोबाइल व पेन ड्राइव, औरंगाबाद के दाउदनगर उपकारा से 3 मोबाइल व 4 चार्जर, आरा जेल से मोबाइल,चार्जर और कुछ आपत्तिजनक समान बरामद हुए हैं। हाजीपुर और समस्तीपुर जेल से कोई आपत्तिजनक सामान नहीं मिली.

मोतिहारी केंद्रीय कारा में पांच सेलफोन व तीन चार्जर बरामद-

राज्य मुख्यालय के निर्देश पर मोतिहारी केंद्रीय कारा में भी बुधवार की अल सुबह छापेमारी की गई। इस दौरान प्रशासनिक टीम ने केंद्रीय कारा के विभिन्न वार्डों की गहन जांच-पड़ताल की। छापेमारी के क्रम में जेल में छुपाकर रखे गए पांच सेलफोन तथा तीन चार्जर बरामद किए गए हैं। छापेमारी टीम का नेतृत्व में मोतिहारी सदर के अनुमंडल पदाधिकारी प्रियरंजन राजू तथा सदर डीएसपी अरुण कुमार गुप्ता कर रहे थे। इस अभियान में उनके साथ मोतिहारी नगर, मुफस्सिल व छतौनी थाना की पुलिस के अलावा पुलिस केंद्र के दर्जनों जवान शामिल थे। जेल अधीक्षक विधु कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया की जा रही है। इसको लेकर चिह्नित कारा बंदियों के खिलाफ नगर थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी.

गृह विभाग की ओर जारी किया गया था आदेश
जेलों में छापेमारी को लेकर बिहार के होम डिपार्टमेंट की तरफ से एक आदेश जारी किया गया था। इसी के बाद सुबह 5 बजे के करीब पटना समेत तमाम जिलों में जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी एक टीम बनाकर जेलों में गए व छापेमारी की। अचानक हुए इस छापेमारी से जेल में कैद कैदियों के बीच अफरातफरी मच गई थी।