पानीपत, धर्मवीर पंडित : वायु प्रदूषण की समस्या को कम करने तथा स्वच्छ एवं हरित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए पुराने कमर्शियल वाहनों को आधुनिक वाहनों से बदलने की दिशा में जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी कड़ी में उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने सोमवार को जिला सचिवालय सभागार में संबंधित अधिकारियों, स्कूलों तथा औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर योजना की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को आधुनिक, कम प्रदूषण वाले वाहनों से बदलना समय की आवश्यकता है। वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए सभी विभागों के साथ-साथ वाहन मालिकों, उद्योग जगत और आमजन को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक विभाग का कार्य नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयास से ही स्वच्छ हवा और स्वस्थ वातावरण का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बीएस-4 एवं उससे पहले के उत्सर्जन मानकों वाले पुराने ट्रक और बसों को चरणबद्ध तरीके से बदलकर बीएस-6 या इससे बेहतर मानकों वाले वाहनों, सीएनजी वाहनों अथवा इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए वाहन मालिकों को प्रेरित किया जाए।
इससे पुराने प्रदूषणकारी वाहनों की संख्या कम होगी और वायु प्रदूषण में कमी लाने में मदद मिलेगी।योजना के तहत वाहन निर्माता कंपनियों की ओर से निर्धारित शर्तों के अनुसार वाहन के मूल्य पर 8 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान भी किया गया है। वहीं डीजल एवं सीएनजी वाहनों के लिए निर्धारित अवधि तक ईंधन वाउचर तथा इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए इसके समकक्ष एकमुश्त प्रोत्साहन देने का प्रावधान है। इस्तेमाल किए गए बीएस-6 अथवा बेहतर मानकों वाले पात्र वाहन खरीदने पर भी निर्धारित मोटर वाहन कर में रियायत और ब्याज अनुदान का लाभ मिल सकता है।
उपायुक्त ने वाहन मालिकों से स्कूल संचालकों से अपील की कि वे अपने पुराने बीएस-4 एवं उससे पहले के ट्रक और बसों को योजना के तहत बदलने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि इससे वाहन मालिकों को आर्थिक लाभ मिलेगा और साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान होगा।उन्होंने कहा कि स्वच्छ हवा, हरित परिवहन और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए आज उठाया गया कदम आने वाली पीढिय़ों के लिए बड़ी सौगात साबित होगा। उन्होंने उद्योगों, स्कूलों और अन्य संस्थानों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में प्रशासन का सहयोग करें और लोगों को प्रदूषण कम करने के लिए जागरूक करें। बैठक में एडीसी अंकित चौकसे, एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा, डीडीपीओ राजेश शर्मा, धर्मवीर मलिक के अलावा विभिन्न स्कूलों एवं औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
