बिहार

फतेहपुर के क्षत्रिय उच्च माध्यमिक विद्यालय में लापरवाही से सुरक्षा संकट, तत्काल समस्या समाधान की मांग

फुलवारीशरीफ, अजित। फतेहपुर स्थित क्षत्रिय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में लगे ट्रांसफार्मर और जर्जर विद्युत व्यवस्था के कारण छात्रों, शिक्षकों और आसपास कार्यरत नल-जल योजना कर्मियों की जान पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है. विद्यालय परिसर में मौजूद विद्युत ढांचे की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में गहरी चिंता और आक्रोश है।

स्थानीय अभिभावकों और विद्यालय स्टाफ का कहना है कि स्कूल परिसर में लगे ट्रांसफार्मर के नीचे पत्थर और जाले की स्थिति बनी हुई है. ट्रांसफार्मर से अक्सर तेल का रिसाव होता रहता है, जिससे बार-बार चिंगारियां निकलती हैं. ऐसे में छोटी सी चिंगारी भी आग लगने की बड़ी घटना को जन्म दे सकती है. सबसे गंभीर बात यह है कि बच्चे रोज इसी क्षेत्र से होकर आते-जाते और खेलते हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है.इतना ही नहीं स्थिति को और खतरनाक बनाता है ट्रांसफार्मर के पास ही स्थित नल-जल योजना. योजना के ऑपरेटरों को रोज सुबह मोटर चालू करने के लिए इसी स्थान पर जाना पड़ता है, जहां खुले तार और नीचे गिरे कनेक्शन उनकी जान के लिए सीधा खतरा बने हुए हैं. हल्की सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है.

स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि विभागीय स्तर पर शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है. आरोप है कि बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर फाइन सहित कुछ कर्मी जिम्मेदारी निभाने में गंभीर नहीं हैं. फोन पर शिकायत करने पर कथित रूप से टालमटोल और अपमानजनक व्यवहार का सामना करना पड़ता है।

Advertisements
Ad 1

लोगों का कहना है कि फतेहपुर क्षेत्र में कई बिजली पोल, खंभे और तार जर्जर अवस्था में हैं, लेकिन मरम्मत को लेकर कोई स्थायी पहल नहीं की जा रही है. इस मामले को गंभीर बताते हुए स्थानीय पंजीकृत अभिभावक समिति ने जिला बिजली कार्यालय और शिक्षा विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. समिति ने ट्रांसफार्मर की अविलंब मरम्मत, तेल रिसाव रोकने के उपाय, जर्जर पोलों को बदलने और खुले तारों को सुरक्षित करने की मांग की है. साथ ही विभागीय कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक नियंत्रण और प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था लागू करने की भी अपील की गई है.

विद्यालय प्रबंधन प्रतिनिधि राजेश्वर प्रसाद ने कहा कि यह केवल चिंता का विषय नहीं, बल्कि बच्चों और कर्मियों की सुरक्षा से जुड़ा बेहद गंभीर मामला है. यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल स्थल निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं।

Related posts

यात्री सुविधा दिवस 2026 पर पटना एयरपोर्ट में हुए विविध आयोजन, यात्रियों का हुआ विशेष स्वागत

वंचितों को वरीयता’ के प्रधानमंत्री के विजन को व्यवहार में बदलेगा सहयोग-सह-जनकल्याण शिविर : विजय कुमार सिन्हा

बिहार में जन्म-मृत्यु पंजीकरण को दुरुस्त करने की बड़ी पहल, यूनिसेफ-यूएनईएससीएपी के साथ कार्यशाला आयोजित

error: