पटना, नरेश अग्रवाल : मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने कहा कि अंगदान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए राज्य में व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था में दधीचि देहदान समिति को सहयोगी के रूप में जोड़ा जाएगा।

चतुर्थ राष्ट्रीय अंगदान दिवस एवं द्वादश अंतर्राष्ट्रीय अंगदान दिवस के अवसर पर रविवार को बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स में आयोजित “सम्मान, संकल्प एवं सप्तम राज्यस्तरीय समारोह” का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन करते हुए सीएम ने कहा कि मृत्यु के बाद किसी को जीवन देना सबसे बड़ा मानवीय कार्य है। अंगदान मानवता और करुणा का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि लोगों को अंगदान की जानकारी है, लेकिन आगे नहीं आते। मृत्यु के समय निर्णय लेना कठिन होता है। इसलिए पहले से जागरूकता जरूरी है। “किडनी दान से किसी को नया जीवन और नेत्रदान से किसी के जीवन में उजाला मिल सकता है।”
सीएम ने घोषणा की कि जिला अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों में समिति के सदस्यों के माध्यम से जागरूकता चलाई जाएगी। कानून में बदलाव की जरूरत होगी तो सरकार समिति के साथ बैठकर पहल करेगी। निजी अस्पतालों में भी अभियान चलाया जाएगा।
इस अवसर पर सीएम ने नेत्रदानियों को श्रद्धांजलि दी और पत्रिका ‘दधीचि दर्पण’ का लोकार्पण किया। महाधिवक्ता एस.डी. संजय, विधायक संजीव चौरसिया सहित कई लोगों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में असम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
