सीएस, डीआईओ सहित आधा दर्जन से अधिक स्वास्थ्य पदाधिकारी पर गिरी गाज

जमुई(मो० अंजुम आलम): कोरोना जांच रिपोर्ट के गड़बड़ी मामले को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने गंभीरता से लिया है और शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की है. जहां जमुई के सिविल सर्जन डॉ. विजयेंद्र सत्यार्थी, सिकंदरा के प्रभारी डॉ. साजिद हुसैन, और
और बरहट के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एनके मंडल समेत आधा दर्जन से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों को निबंलित कर दिया है। साथ ही कई स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की हरी झंडी दिखा दी है। हालांकि स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय द्वारा डीपीएम, सुधांशु नारायण लाल, डीआईओ विमल कुमार चौधरी, स्वास्थ्य प्रबंधक सहित 9 अन्य लोगों पर भी कार्रवाई करने की बात सामने आ रही है.

डीपीएम, डीआईओ और अस्पताल प्रबंधक भी कार्रवाई के घेरे में-

स्वास्थ्य मंत्री द्वारा किए गए कार्रवाई के घेरे में डीपीएम सुधांशु नारायण लाल,डीआईओ डॉ. विमल कुमार चौधरी,सदर अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरहट व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरा के अस्पताल प्रबंधक के अलावा दो डाटा ऑपरेटर का भी नाम सामने आ रहा है.

इस मामले को लेकर हुई कार्रवाई-

बता दें कि बिहार में कोरोना टेस्ट रिपोर्ट के आंकड़ों में नाम, उम्र और फोन नंबर में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा का मामला प्रकाश में आया है। पटना, जमुई और शेखपुरा जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में करीब 600 डेटा एंट्री और जांच रिपोर्ट, दोनों में ही गड़बड़ी हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पटना, शेखपुरा और जमुई के 6 पीएचसी में 16, 18 और 25 जनवरी को कोरोना जांच के 588 एंट्री की जांच की गई तो पता चला कि डेटा प्रोटोकॉल को पूरा करने के लिए नाम, उम्र और मोबाइल फोन नंबर की पूरी डेटा एंट्री ही फर्जी थी। जब इन डेटा का मिलान किया गया तो पता चला कि जमुई जिले के बरहट की 230 एंट्री में 12, सिकंदरा की 208 एंट्री में 43 और जमुई सदर की 150 में 65 मामलों में ही कोरोना जांच को वेरिफाई किया जा सका.

बांका जिले के व्यक्ति का इंट्री का किया गया था फोन नंबर-

कोरोना टेस्ट में फोन नंबर को भी गलत दर्शाया गया था। बरहट में तीन अलग-अलग तारीखों के 14, 11 और 11 फोन नंबर गलत पाए गए। जमुई के बरहट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है, जो कि उन 48 लोगों में से 28 लोगों के मोबाइल नंबर के रूप में है, जिन्हें 16 जनवरी को कोविड जांच के रूप में दिखाया गया था। साथ ही 25 जनवरी को भी 83 लोगों में से 46 के मोबाइल नंबर की जगह 10 शून्य लिखा गया है। पीएचसी जमुई सदर में भी 16 जनवरी को 150 एंट्री में से 73 के लिए मोबाइल नंबर की जगह 10 शून्य का इस्तेमाल किया गया है। जमुई के बरहट में ही एक ऐसा फोन नंबर मिला जिसे आरटी-पीसीआर टेस्ट के 26 मामलों में दर्ज किया गया था। यह फोन नंबर यहां से सौ किलोमीटर दूर बांका जिले के शंभूगंज निवासी मजदूर बैजू रजक का था, उसने इन लोगों से किसी तरह के संबंध से इनकार किया। इन 26 में 11 पुरुष, 6 महिलाएं और 9 बच्चे थे।