पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) मंत्री, पथ निर्माण विभाग इं कुमार शैलेन्द्र के द्वारा विभागीय सभागार में राष्ट्रीय उच्च पथ उपभाग, उत्तर एवं दक्षिण, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के स्थानीय पदाधिकारियों तथा NHAI के स्थानीय पदाधिकारियों के साथ राज्य में चल रहे राष्ट्रीय उच्च पथ योजनाओं के प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की गई। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण, चल रहे निर्माण कार्यों की अद्यतन स्थिति और भूमि अधिग्रहण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई । माननीय मंत्री द्वारा राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों के बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर का बनाने और लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने सहित कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए।
समीक्षा में बताया गया कि वर्तमान में बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) की कुल लंबाई 6,819 किलोमीटर है । इसमें से 5,351 किलोमीटर की जिम्मेदारी NHAI के पास है (जिसमें 4,210 किमी अधिसूचित और 1,141 किमी अधिसूचित किए जाने वाले मार्ग शामिल हैं) जबकि शेष 2,714 किलोमीटर पथ निर्माण विभाग के 'रोड्स विंग' के अधीन है ।
NHAI के पदाधिकारियों ने माननीय मंत्री को अवगत कराया कि 1,634 किलोमीटर लंबाई की 41 परियोजनाएं वर्तमान में तेजी से निर्माणाधीन हैं। इनमें वाराणसी – रांची – कोलकाता कॉरिडोर (NH-319B – 6 लेन), आमस- दरभंगा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, दानापुर – बिहटा – कोइलवर – बक्सर एलिवेटेड कॉरिडोर, पटना रिंग रोड एवं ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर जैसे प्रमुख कॉरिडोर और मेगा प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। वाराणसी – रांची – कोलकाता कॉरिडोर बिहार के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से के लिए सबसे महत्वपूर्ण कॉरिडोर है, जो राज्य को सीधे बड़े औद्योगिक केंद्रों से जोड़ेगा।
पटना जिले के अंतर्गत 4 लेन दानापुर-बिहटा एलिवेटेड परियोजना (25.08 किमी) में अब तक 58.3% भौतिक प्रगति हासिल की जा चुकी है। मुंगेर से मिर्जाचौकी के बीच चल रहे कार्यों में पैकेज-2 (खैरा-भागलपुर बाईपास) में 93% और पैकेज-4 (रसलपुर-मिर्जाचौकी) में 93.6% काम पूरा हो चुका है, जिन्हें जुलाई 2026 तक पूर्ण कराने का लक्ष्य है। छपरा – पटना – बख्तियारपुर – पूर्णिया कॉरिडोर (NH-31) के तहत पटना-बख्तियारपुर, बख्तियारपुर-मोकामा और औंटा-सिमरिया (गंगा नदी पर 6-लेन पुल सहित) के कार्य पूर्ण हो चुके हैं । बेगूसराय शहर में 4.2 किमी लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का 96% कार्य पूरा हो चुका है, जिसे अगस्त 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है । वहीं, पटना – बेतिया कॉरिडोर के अंतर्गत बकापुर-मानिकपुर खंड में 42.25% तथा मानिकपुर-साहिबगंज खंड में 21.54% कार्य पूरा हो चुका है ।
इसके उपरांत माननीय मंत्री ने गंगा नदी पर विद्यमान महात्मा गांधी सेतु के समानांतर नए 4-लेन पुल , दीघा-सोनपुर, नया समानांतर विक्रमशिला सेतु एवं कोसी फूलौत महासेतु की समीक्षा करते हुए बचे हुए कार्यों को तेजी से पूर्ण करने का निदेश दिया। बैठक में बताया गया कि महात्मा गांधी सेतु (73%), दीघा-सोनपुर (14.55%), विक्रमशिला सेतु (50.15%), और कोसी फूलौत महासेतु (94.4%) की भौतिक प्रगति है और तेजी से कार्य किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने राम जानकी मार्ग, बाइपास, गया-बिहारशरीफ 4-लेन परियोजना आदि की भी समीक्षा की गई।
बैठक के क्रम में माननीय मंत्री इं कुमार शैलेन्द्र ने कहा कि जो परियोजनाएं अपने अंतिम चरण में हैं, उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूर्ण करें। जिन परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण जैसी बाधाएं आ रहीं हैं, स्थानीय प्रशासन से समन्वय स्थापित कर उन्हें दूर कराना सुनिश्चित करें। मंत्री महोदय ने स्पष्ट किया कि सड़कों और पुलों के निर्माण में उच्च गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि निर्धारित समयसीमा से लंबित परियोजना से संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करें। परियोजना को तीव्र गति से पूर्ण करने हेतु मैन पावर बढ़ाने एवं निर्माण कार्य की सतत मॉनीटरिंग करने का निदेश दिया गया। उन्होंने फ्लाई ऐश की जगह नदियों के गाद के उपयोग पर भी जोर देते हुए कहा कि इस संबंध में माननीय मुख्यमंत्री के समक्ष भी यह बात रखी जाएगी। ब्रिज निर्माण के दौरान सोलर कैमरा लगाने की भी बात कही ताकि मुख्यालय स्तर से कार्यों की मॉनीटरिंग हो सके। इस समीक्षा बैठक में पथ निर्माण विभाग की विशेष सचिव डॉ. शैलजा शर्मा, NHAI के क्षेत्रीय अधिकारी सहित अभियंतागण की उपस्थिति रही।
