अररिया, रंजीत ठाकुर। अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) नवाबगंज में स्वास्थ्य सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं को लेकर उठाए गए जनसरोकार के मुद्दों पर स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई की है। फुलकाहा उत्थान संघर्ष समिति द्वारा अस्पताल की विभिन्न समस्याओं को लेकर दिए गए आवेदन एवं न्यूज़ क्राइम वेब पोर्टल पर प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद सोमवार को नरपतगंज के प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी (बीएमओ) डॉ. दीपक कुमार ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ अस्पताल का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान बीएमओ ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा उपकरणों तथा अन्य व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल परिसर में कई अव्यवस्थाएं पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डॉ. दीपक कुमार ने अस्पताल की सभी कमियों को दो दिनों के भीतर दूर करने का निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने साफ-सफाई व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए सफाई कर्मियों को चेतावनी दी कि स्वच्छता कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगली निरीक्षण रिपोर्ट में कमियां पाए जाने पर जिम्मेदार कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
बीएमओ ने अस्पताल के चिकित्सकों एवं कर्मियों को नियमित रूप से अपने दायित्वों का निर्वहन करने तथा सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान बीएचएम पंकज कुमार सिंह, बीसीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, लेखापाल संजय कुमार भगत सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मी मौजूद रहे। वहीं फुलकाहा उत्थान संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजू गुप्ता, उपाध्यक्ष राजेश रंजन, सचिव रंजीत ठाकुर, संतोष साह, निगरानी समिति सदस्य महेश प्रसाद गुप्ता, मोहम्मद हशीब अंसारी, मुखिया प्रतिनिधि अरुण कुमार यादव समेत अन्य स्थानीय लोग भी उपस्थित थे।
अस्पताल की ओर से डॉ. शरफ नाज, एएनएम श्रेया कुमारी, रिंकू कुमारी, डाटा ऑपरेटर राहुल कुमार, परिचारी शंभू यादव एवं गार्ड चंदेश्वरी यादव मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि फुलकाहा उत्थान संघर्ष समिति ने बीते शनिवार को अस्पताल की बदहाल व्यवस्था एवं जनसमस्याओं को लेकर प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी को आवेदन सौंपा था। इसके बाद यह मामला स्थानीय न्यूज़ क्राइम 24 वेब पोर्टल पर प्रमुखता से प्रकाशित हुआ। समाचार प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई यह कार्रवाई क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
