बिहार

चचरी के सहारे घरों में आने जाने को मजबूर

फुलवारीशरीफ(अजीत यादव): राजधानी पटना में होने के बावजुद सम्पत चक के सोना गोपालपुर इस बस्ती के लोगों को अब तक बुनियादी सुविधाएं मुहैया नही कराई जा सकी है। सम्पत चक प्रखंड के ग्राम सोना गोपालपुर में रह रहे कई परिवारों के लोगों को आज भी चचरी के सहारे अपने घरों से आने जाने की मजबूरी है। हालांकि सोना गोपाल पुर पंचायत को अब सरकार ने नगर परिषद में मिलाने का निर्णय ले लिया है उसके बावजूद यहाँ के नागरिकों को जरूरी बुनियादी सुविधाओं को अबतक मुहैया नही कराया जाना स्थानीय प्रखंड और पंचायत प्रतिनिधियों के सामने बड़ा सवाल उठा रहा है। यहां के नागरिकों का कहना है कि कहने को वे लोग पटना राजधानी के निवासी है लेकिन विकास की रौशनी केवल मुख्य मार्गों तक ही सीमित नजर आता है। लोग बताते हैं कि बरसात आते ही कई समस्याएं बढ़ जाती हैं।

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पास में ही चकाचक मुख्य सड़क संपत चक परसा पर फर्राटा भरते वाहनों को देख बस मन मसोस कर रह जाते है कि काश उनके घरों तक पहुंचने के लिए भी राह बनाया हुआ होता । लोगो का कहना है कि गड्ढो में पानी भरे होने के चलते रास्ता नही बन पाया जिससे उन सबों के घरों तक कोई वाहन नहीं आ पाता है। महिलाओ बच्चियों बच्चों और बुजुर्गों को चचरी के सहारे आने जाने में हमेशा गिरकर चोटिल हो जाने का खतरा बना रहता है।पटना शहर और संपत चक में सुशासन की सरकार में हर जगह विकास की बयार बहने के बाद भी उन सबको रास्ता नसीब नहीं हो सका जिस कारण यहा के लोगो में भारी निराशा है। चचरी वाले रास्ते मे बच्चो को गोद मे उठाकर आवाजाही कराना पड़ता है। वही घर मे बोरा चारा या अन्य वजनदार समान को पानी भरे गड्ढे में उतरकर ही पार करना पड़ता है।

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