बिहार

टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत सांसद पूर्णिया द्वारा समाहरणालय में टीबी ग्रसित मरीजों को उपलब्ध कराई गई पोषण सामग्री

पूर्णिया, (न्यूज़ क्राइम 24) टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जन-जन के सहयोग से ग्रसित मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराते हुए स्वास्थ्य को सुरक्षित बनाने में पूर्णिया जिले के जनप्रतिनिधियों द्वारा आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराई जा रही है। शनिवार को पूर्णिया जिले के लोकसभा सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव द्वारा भी टीबी ग्रसित मरीजों को सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने में सहयोग किया गया।

सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव द्वारा जिले के समाहरणालय भवन में टीबी से ग्रसित 20 से अधिक मरीजों को जल्द स्वास्थ्य और सुरक्षित होने के लिए आवश्यक दवा के साथ अतिरिक्त आहार का उपयोग करने के लिए पौष्टिक आहार का वितरण किया गया। इस दौरान जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार, सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया, जिला संचारी रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ मो तनवीर हैदर, टीबी विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी डॉ दिनेश कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सोरेंद्र कुमार दास, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट नीरज कुमार निराला, डीपीएस राजेश कुमार शर्मा सहित राजनाथ झा, तपन कुमार मिश्रा, मजहर आलम, अमित कुमार, प्रशांत कुमार, संजय कुमार, प्रिया कुमारी, साक्षी कुमारी, चंदन कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी और कर्मी उपस्थित रहे।

“जन-जन का रखें ध्यान, टीबी मुक्त भारत अभियान” का चलाया जा रहा पहल :

विश्व टीबी दिवस के उपलक्ष्य में जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार द्वारा जिले में टीबी ग्रसित मरीजों को आवश्यक पौष्टिक आहार सुविधा उपलब्ध कराते हुए बहुत जल्द टीबी बीमारी से सुरक्षित बनाने की मुहिम की शुरुआत की गई है। इस दौरान जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार द्वारा सामान्य लोगों को भी टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत ग्रसित मरीजों को आवश्यक पौष्टिक आहार उपलब्ध कराते हुए बहुत जल्द टीबी बीमारी से सुरक्षित करने की अपील की गई है। इसके उपलक्ष्य में शनिवार को पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव द्वारा चिन्हित 20 से अधिक टीबी ग्रसित मरीजों को समाहरणालय में पौष्टिक आहार किट्स उपलब्ध कराई गई। ग्रसित मरीजों द्वारा अस्पताल में आवश्यक उपचार कराने के साथ साथ टीबी किट्स का उपयोग करने पर लोग बहुत जल्द स्वस्थ्य होते हुए सामान्य जीवन का लाभ आसानी से उठा सकते हैं।

किसी भी सामान्य लोगों को लगातार खांसी होना हो सकता है टीबी संक्रमण का कारण :

जिला संचारी रोग नियंत्रण पदाधिकारी (सीडीओ) डॉ मोहम्मद तनवीर हैदर ने बताया कि टीबी एक गंभीर संक्रामक रोग है जो किसी भी सामान्य लोगों को लगातार खांसी होने से होता है। किसी भी लोगों द्वारा लगातार 03 सप्ताह से अधिक समय तक खांसी का होना, खांसी में बलगम या खून होना, छाती में तेज दर्द और सांस लेने में तकलीफ का होना, बुखार, रात में पसीना आना और वजन का तेजी से गिरना, अत्यधिक थकान और भूख कम लगना किसी व्यक्ति के टीबी ग्रसित होने के लक्षण हो सकते हैं।

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ऐसे लोगों को तत्काल जांच करते हुए उपचार सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा नया अभियान का संचालन किया जा रहा है। इसके साथ साथ टीबी ग्रसित मरीजों के परिजनों को भी टीबी ग्रसित होने से सुरक्षित रखने के लिए ग्रसित मरीजों के परिजनों को तत्काल जांच करते हुए सुरक्षित रखने के लिए अस्पताल में उपलब्ध दवाई उपलब्ध कराई जा रही है। परिजनों द्वारा अगले 03 महीने लगातार टीबी सुरक्षा की दवा का सेवन करने से भविष्य में टीबी ग्रसित होने से सुरक्षित हो सकते हैं और सामान्य स्वस्थ व्यक्ति का लाभ उठा सकते हैं।

ग्रसित टीबी मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध कराई जाएगी 03 एचपी टेबलेट्स :

टीबी विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी डॉ दिनेश कुमार ने बताया कि टीबी ग्रसित मरीजों और उनके संपर्क में रहने वाले लोगों को सुरक्षित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में 03 एचपी टेबलेट्स उपलब्ध कराई जा रही है। 03 एचपी का मतलब है टीबी निवारण उपचार टेबलेट्स। यह टीबी (क्षय रोग) से बचाव के लिए इस्तेमाल होने वाली एक नई और छोटी अवधि वाली दवा योजना है, जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) द्वारा ने अनुशंसा किया है। भारत में भी राष्ट्रीय टीबी उन्मुलन कार्यक्रम (National TB Elimination Programme – NTEP) के तहत इसे अब काफी जगहों पर दिया जा रहा है, खासकर बिहार जैसे हाई टीबी ग्रसित वाले क्षेत्रों में। ग्रसित मरीजों द्वारा स्वास्थ्य केंद्रों से 03 एचपी टेबलेट्स का लाभ उठाने से ग्रसित व्यक्ति 03 माह में टीबी ग्रसित होने से सुरक्षित होकर स्वस्थय जीवन का लाभ उठा सकते हैं।

3HP क्या है?

  • 3 = 3 महीने (12 हफ्ते)
  • H = Isoniazid (INH) नाम की दवा
  • P = Rifapentine (RPT) नाम की दवा

टीबी ग्रसित मरीजों को यह दोनों दवाइयाँ हफ्ते में सिर्फ एक बार साथ में ली जाती हैं (कुल 12 डोज)। इसका लगातार उपयोग करने पर टीबी ग्रसित मरीज बहुत जल्द टीबी से सुरक्षित होकर सामान्य जीवन का लाभ उठा सकते हैं।

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