पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) भारत की जनगणना–2027 के तहत देश में पहली बार डिजिटल माध्यम से जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसी कड़ी में बिहार में स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) अभियान का शुभारंभ हो चुका है, जो नागरिकों को स्वयं अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा प्रदान करता है।
बिहार में जनगणना का प्रथम चरण ‘मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (एचएलओ)’ 02 मई से 31 मई 2026 तक संचालित होगा। इस दौरान राज्य के हर घर की संरचना, उपलब्ध सुविधाओं और आधारभूत सेवाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां एकत्र की जाएंगी, जो भविष्य की विकास योजनाओं और नीतियों के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगी। स्व-गणना की सुविधा 17 अप्रैल से 01 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इस अवधि में नागरिक निर्धारित आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपने परिवार का विवरण दर्ज कर सकते हैं।
अभियान के पहले दिन बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त), मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू, विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने स्वयं स्व-गणना कर आम लोगों को प्रेरित किया। दूसरे दिन उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, विजय कुमार चौधरी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस अभियान में भाग लेकर लोगों से जुड़ने की अपील की। निदेशक-सह-मुख्य प्रधान जनगणना पदाधिकारी रंजिता ने राज्य के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्व-गणना सुविधा का अधिकतम उपयोग करें और निर्धारित समय के भीतर अपनी जानकारी दर्ज कर इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाएं। डिजिटल जनगणना से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि आंकड़ों की सटीकता भी सुनिश्चित होगी, जिससे सरकार को योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।
