पटना, विक्रम कुमार : मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग की समीक्षा में बड़ा लक्ष्य रखा। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत बिहार के 25 लाख युवाओं को कुशल बनाया जाएगा।
‘संकल्प सभागार’ में हुई बैठक में विभाग के सचिव श्री कौशल किशोर ने प्रेजेंटेशन दिया। सीएम ने कहा कि 5 लाख लोगों को जल्द रोजगार और 50 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने का टारगेट तेजी से पूरा करें।
सीएम के 5 बड़े निर्देश:
- 25 लाख युवा होंगे स्किल्ड:
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत 25 लाख युवाओं को कुशल बनाये जाने का लक्ष्य है।पारंपरिक कारीगरों-शिल्पकारों को आधुनिक ट्रेनिंग देकर आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। - जीविका दीदियों को नई जिम्मेदारी:
पीएम सूर्य घर योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए जीविका दीदियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। वे सोलर पैनल इंस्टॉलेशन में मदद करेंगी। - ग्लोबल डिमांड के हिसाब से कोर्स: बिहार फाउंडेशन के माध्यम से प्रवासी बिहारियों एवं उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास कार्यक्रम तैयार करें ताकि देश-विदेश की आवश्यकता के अनुरूप हमारे कुशल युवा वहां रोजगार प्राप्त कर सकें।
- ITI के पास होम-स्टे मॉडल:
प्रशिक्षण संस्थानों के आसपास के क्षेत्रों में होम-स्टे मॉडल को प्रोत्साहित करें। इसके लिए इंसेंटिव देने की कार्ययोजना बनाएं। इससे बाहर से आने वाले युवाओं को ठहरने की सुविधा मिलेगी। - विदेशी भाषा और सॉफ्ट स्किल:
अंतर्राष्ट्रीय रोजगार के लिए युवाओं को विदेशी भाषाओं और संचार कौशल का प्रशिक्षण दें। ITI के विस्तार के लिए सुव्यवस्थित योजना बनाकर रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण बढ़ाएं।
सीएम का फोकस: “लोकल से ग्लोबल”
सीएम ने कहा कि विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया तेज करें। शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था सुदृढ़ कर गुणवत्ता बनाए रखें। “तकनीकी शिक्षा को रोजगार, उद्यमिता और नवाचार से जोड़ना प्राथमिकता है।”
बैठक में मौजूद: युवा, रोजगार एवं कौशल विकास मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, सीएम के सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह, विभाग के सचिव श्री कौशल किशोर सहित अन्य अधिकारी।
