सरकार के चार साल बलिया बेहाल

 सरकार के चार साल बलिया बेहाल

बलिया(संजय कुमार तिवारी): प्रदेश की भाजपा सरकार पिछले चार वर्षों में कोई भी ऐसा कार्य नहीं किया जिसे ठीक कहा जाय। यह सरकार असत्य बोलने और अपशब्द बोलने के अलावा कोई काम नहीं कर सकी है। समाजवादी पार्टी की अखिलेश यादव की सरकार में किये गए विकास एवं लोक कल्याणकारी कार्यों का फीता काटना और उनके कार्यों का नाम बदलने में इनका चार वर्ष बीत गया।
यह बातें समाजवादी पार्टी के जिला प्रवक्ता सुशील पाण्डेय “कान्हजी” ने प्रदेश सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही.

उन्होंने कहा कि बलिया के लिए तो ये चार साल बेहाल करने वाले रहे। इस सरकार के चार साल में जनपद को कुछ नहीं मिला। दुःखद यह है कि जो पिछली समाजवादी पार्टी के सरकार में मिला था उसे भी राजनीतिक द्वेषवस रोक दिया गया। जिसका जीता जागता उदाहरण है शिवरामपुर घाट पर बना जनेश्वर मिश्र पुल, जिसका सम्पर्क मार्ग तक इन चार वर्षों में नहीं पूर्ण हो पाया। घाघरा नदी के चाँदपुर में बने पुल का भी वही हाल है दरौली घाट का पुल, स्पोर्ट कालेज ये सभी योजनाएं अखिलेश यादव जी के मुख्यमंत्रित्व काल की है जो अधर में लटकी है। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय को इन चार वर्षों में एक धेला भी सरकार के तरफ से नहीं मिला और ना ही एक भी विषय की मान्यता में बढ़ोत्तरी हुई। उल्टे उसके स्थान परिवर्तन की बात शुरु हो गई। यह स्थान परिवर्तन नहीं है बल्कि सरकार इस विश्वविद्यालय के अस्तित्व को की खत्म करना चाहती है.

आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि जनपद में सत्ताधारी दल के लोग जनपद में अपने द्वारा किये गए किस कार्य को लेकर पुनः 2022 में जनता के बीच जाएंगे। सवाल किया कि ये लोग जनपद के लिए इन चार वर्षों की कौन सी उपलब्धि बताएंगे। कहा कि यह जनपद ऋषियों मुनियों की तपोस्थली रही है।आज़ादी के बीर सपूतों की भूमि है। बड़े-बड़े राजनैतिक घटनाक्रमों की केंद्र में यह जनपद रहा है। इसके साथ नाइंसाफी करने वाली सत्ता फिर कभी वापस नहीं आई है.

श्री कान्हजी ने कहा कि सरकारी नौकरी करने वाले लोगों के आधे दर्जन भत्ते बन्द कर दिया गया। महंगाई भत्ता जो हर छः माह में बढ़ती थी कर्मचारी/शिक्षकों की उसे फ्रिज कर दिया गया। जिससे कर्मचारी/शिक्षक वर्ग परेशान हैं। नई भर्तियों का नामोनिशान नहीं है। व्यापारी, युवा व किसान परेशान परेशान है और सरकार चार साल के जश्न मनाने में व्यस्त है। इससे बड़ी विडंबना क्या हो सकती है।

News Crime 24 Desk

Related post