नुक्कड़ नाट्य के जरिये कलाकारों ने दिए स्वच्छता का संदेश 

फुलवारीशरीफ(अजित यादव): सर्वमंगला सांस्कृतिक मंच (एस.एस.एम.) की साप्ताहिक नुक्कड़ नाटक की श्रृंखला में महेश चौधरी द्वारा लिखित एवं निर्देशित “स्वच्छता की ज्योत जलाएंगे” की प्रस्तुति वाल्मी, फुलवारीशरीफ में की गई. नाटक की शुरुआत सौरभ राज के स्वरबध्द गीत- स्वच्छ गगन हो स्वच्छ हो धरती, स्वच्छ बने मेरा देश महान……से की गई.

स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 पर आधारित जन जागरूकता के तहत इस नाटक के माध्यम से यह दिखाया गया कि पटना, बिहार से कुछ पर्यटक अपने परिवार के साथ पश्चिम बंगाल के लतागुड़ी में प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए सिल्लीगुड़ी रेलवे स्टेशन पहुंचते है। वहां से लतागुड़ी जाने के लिए वह एक टैक्सी लेता है फिर उसमें बैठे-बैठे चिप्स खाने लगता है और उसके रैपर को रोड पर फेंक देता है। आगे रोड में बैरियर गिरता है और एक पुलिस आकर उस रैपर फेंकने वाले युवक को गाड़ी से उतरने का इशारा करता है। युवक गाड़ी से बाहर आकर कहता है क्या हुआ सर? पुलिस उसे डांटते हुए कहता है ओए.. तुझे रोड पर कचरा फेंकते हुए शर्म नहीं आई। जाओ उसे उठाकर कूड़ेदान में डालो तभी तुम्हारी गाड़ी आगे बढ़ेगी। वह जल्दी से उस रैपर को उठाता है और इधर-उधर देख कर कूड़ेदान ढूंढता है परंतु उसे दिखाई नहीं पड़ता, उस रैपर को मोड़कर वह अपने पॉकेट में डाल लेता है पुलिस कहती है कि यह इंडिया है इसलिए माफ हो गया यदि तुम अरब कंट्री के किसी शहर में यही गलती करते तो इस अपराधिक कृत के लिए तुम्हें कठोर दंड दिया जाता। वह शर्म से सिर झुका कर टैक्सी में बैठता है गाड़ी चल पड़ती है। पूरे परिवार खामोश हैं तभी उस युवक का बेटा कहता हैं कि पापा हमलोग के यहां नगर परिषद, फुलवारीशरीफ की ओर से स्वच्छता जागरूकता अभियान के तहत सब कुछ बताया गया था फिर भी यह गलती हो गया। उसकी मां गुस्से में कहती है तुम्हारे पिताजी को यह सब थोड़े याद रहता है कहीं भी खैनी खाकर, पान खा कर इधर-उधर थूकते रहते हैं और जहां- तहां टॉयलेट भी करने लगते हैं। तभी बेटा कहता है कि मां जब मैं स्कूल जा रहा था तो एक बाइक वाले अंकल पान‌ खाकर ऐसा थुका कि मुझे उसका छींटा मेरे मुंह पर पड़ गया। यह सब आदत अपने बिहार में ज्यादा है इस गंदी आदत के कारण लोग परेशान हैं.

यह सुनकर टैक्सी ड्राइवर कहता है कि भैया इंसान अपनी गलती के बाद ही उसमें सुधार करता है अगर आज से मन में यह ठान लीजिएगा तो ऐसी गलती रोक सकते हैं। देखिए पूरी दुनिया में सिंगापुर आज ऐसा जगह है जो स्वच्छता के नाम पर जाना जाता है आखिर क्यों? उस परिवार की छोटी बिटिया कहती है ड्राइवर अंकल हमारे देश के महापुरुष महात्मा गांधी जी का एक सपना था कि स्वच्छ हो भारत अपना। यह सुनकर युवक भावुक होकर कहता कि आज से हम स्वच्छता की ज्योत जलाए रखने के लिए शपथ लेते हैं और आप सब से भी यही कहूंगा कि अपनी आदत में बदलाव लाइए और भारत देश की मान सम्मान और प्रतिष्ठा को बनाए रखने के लिए सिंगापुर जैसा स्वच्छ भारत बनाए. नाटक के कलाकार महेश चौधरी, मोनिका, सौरभ, अमन, प्रमोद, करण, नमन, यश, शांभवी,वैभव वीर, रणवीर, आयुष, प्रियांशु, प्रीतम, कामेश्वर, रीता देवी थे।