बिहार

एम्स पटना में नेत्रदाता परिवारों का सम्मान, आई बैंक ने 112 नेत्रदान प्राप्त करने की उपलब्धि बताई

फुलवारीशरीफ, अजीत। एम्स पटना के आई बैंक की ओर से 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के समापन समारोह का आयोजन किया गया. इस अवसर पर नेत्रदान करने वाले परिवारों को सम्मानित करने के साथ नेत्रदान के लिए जागरूकता फैलाने में जुटे नर्सिंग अधिकारियों और आई बैंक काउंसलरों के योगदान की भी सराहना की गई।

कार्यक्रम में एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. ब्रिगेडियर डॉ. राजू अग्रवाल ने कहा कि कॉर्निया संबंधी अंधत्व को कम करने के लिए स्वैच्छिक नेत्रदान के प्रति लोगों को जागरूक करना जरूरी है. उन्होंने आई बैंक की गतिविधियों की सराहना करते हुए बताया कि मई 2025 में संचालन शुरू होने के बाद कम समय में 112 नेत्रदान प्राप्त करना महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

आई बैंक के प्रभारी एवं नेत्र रोग विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. अमित राज ने स्वागत संबोधन में पखवाड़े के दौरान आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी दी. इस दौरान नेत्रदान जागरूकता पदयात्रा, मरीजों और उनके परिजनों के बीच जागरूकता अभियान, विद्यालयों में पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिता तथा अस्पताल के आईपीडी फोयर में पोस्टर प्रदर्शनी आयोजित की गई।

समारोह का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा नेत्रदाता परिवारों का सम्मान रहा. अपने दिवंगत परिजनों के नेत्रदान का निर्णय लेने वाले परिवारों को सम्मानित किया गया. वक्ताओं ने कहा कि इन परिवारों के फैसले से दूसरे लोगों के जीवन में दृष्टि और उम्मीद लौटाने का रास्ता खुलता है।

अस्पताल के विभिन्न वार्डों और आईसीयू में संभावित नेत्रदाताओं की पहचान तथा समय पर कॉर्निया प्राप्त करने में सहयोग करने वाले नर्सिंग अधिकारियों को भी स्मृति-चिह्न और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया. उत्कृष्ट योगदान के लिए टी-11 आईसीयू, आपातकालीन चिकित्सा को प्रथम, टी-4 आईसीयू, ट्रॉमा सर्जरी को द्वितीय तथा बी-6बी एनेस्थीसिया आईसीयू को तृतीय पुरस्कार दिया गया. अन्य सहभागी वार्डों और आईसीयू को भी प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए।

आई बैंक काउंसलरों को भी सम्मानित किया गया. उन्होंने नेत्रदाता परिवारों से संवेदनशील तरीके से बातचीत कर सहमति प्राप्त करने और नेत्रदान से लेकर कॉर्निया प्राप्त करने तक की प्रक्रिया में समन्वय की भूमिका निभाई।

विद्यालयी विद्यार्थियों के लिए आयोजित पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिता में डॉन बास्को पब्लिक स्कूल, पटना के जैराज कमल ने प्रथम, इसी विद्यालय की रिधिमा रंजन ने द्वितीय और दिल्ली पब्लिक स्कूल पटना की अन्वी शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया. चयनित पोस्टरों को एम्स पटना के आईपीडी फोयर में प्रदर्शित किया गया।

कार्यक्रम में शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो. डॉ. पूनम भदानी, छात्र मामले की अधिष्ठाता प्रो. डॉ. रुचि सिन्हा, अनुसंधान अधिष्ठाता प्रो. डॉ. संजय पांडे, परीक्षा अधिष्ठाता प्रो. डॉ. मनोज कुमार और चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. प्रशांत कुमार सिंह समेत कई विभागों के चिकित्सक, संकाय सदस्य, रेजिडेंट चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने नेत्रदान के प्रति जागरूकता फैलाने और स्वैच्छिक नेत्रदान को बढ़ावा देने की सामूहिक शपथ ली. धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सोनी सिन्हा ने किया।

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