बिहार

रिश्तों के टूटन पर करारा प्रहार, “रिश्ते हैं अनमोल” की मार्मिक प्रस्तुति

फुलवारीशरीफ, अजीत। सर्वमंगला सांस्कृतिक मंच की ओर से रविवार को वाल्मी, फुलवारी शरीफ पटना में सामाजिक सरोकार से जुड़ा नाटक “रिश्ते हैं अनमोल” का प्रभावशाली मंचन किया गया. नाटक ने बदलते दौर में रिश्तों में बढ़ती दूरियों और पारिवारिक विघटन की समस्या को बेहद संवेदनशील ढंग से प्रस्तुत किया. नाटक का लेखन महेश चौधरी और निर्देशन मिथिलेश कुमार पांडे ने किया. प्रस्तुति के माध्यम से दिखाया गया कि कैसे पहले संयुक्त परिवारों में भाई-भाई, भाभी-देवरानी, जेठानी-काका-काकी जैसे रिश्ते आत्मीयता और अपनापन से जुड़े होते थे, लेकिन समय के साथ परिवार सिमटकर केवल पति-पत्नी और बच्चों तक सीमित होते जा रहे हैं. इससे रिश्तों में दूरी, ठंडापन और अकेलापन बढ़ता जा रहा है।

कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से यह संदेश दिया कि रिश्तों को मजबूत बनाए रखने के लिए त्याग, विश्वास, ईमानदारी और आपसी सम्मान बेहद जरूरी है. संवाद, समझ और समय देना ही रिश्तों को जीवित रख सकता है. गलतफहमियों को बातचीत से सुलझाना और जरूरत पड़ने पर माफी मांगना व माफ करना रिश्तों की मजबूती का आधार है। नाटक में महेश चौधरी, मिथिलेश कुमार पांडे, सौरव राज, अमन, राहुल, सक्षम, अंकित, रंजन और क्रिशू ने प्रभावशाली भूमिका निभाई. प्रस्तुति को दर्शकों ने सराहा और यह नाटक समाज के लिए एक मजबूत संदेश छोड़ गया।

Related posts

बिहार की बेटियां हुनरमंद होंगी, आत्मनिर्भर बनकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनायेंगी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

बिहार पुलिस में सभी प्रकार की छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द, 24 जुलाई से लागू होगा आदेश

राहुल गांधी नीट पर चर्चा से भाग रहे, छात्रों की आड़ में विपक्ष फैला रहा अराजकता : संजय सरावगी‎

error: