बिहार

एम्स पटना में अब तक 19 सफल किडनी प्रत्यारोपण, दो ब्रेन डेड मरीजों के अंगदान से बची जान

फुलवारीशरीफ, अजीत। एम्स पटना ने किडनी प्रत्यारोपण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. संस्थान में अब तक 19 सफल किडनी प्रत्यारोपण किए जा चुके हैं. इनमें दो प्रत्यारोपण ब्रेन स्टेम डेथ के बाद अंगदान करने वाले मरीजों की किडनी से किए गए हैं. खास बात यह है कि हाल के सप्ताहों में एम्स में लगातार पांच किडनी प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किए गए हैं. इससे बिहार सहित आसपास के राज्यों के गंभीर किडनी मरीजों को नई जिंदगी की उम्मीद मिल रही है.

हाल ही में आईजीआईएमएस पटना में ब्रेन स्टेम डेथ घोषित एक मरीज के परिजनों ने अंगदान का निर्णय लिया था. इसके बाद स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन, बिहार के माध्यम से मरीज की एक किडनी एम्स पटना को आवंटित की गई. अंग मिलने की सूचना के बाद एम्स की प्रत्यारोपण टीम ने तत्काल आवश्यक तैयारियां शुरू कर दीं. किडनी को सुरक्षित और समय पर एम्स पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया. ट्रैफिक पुलिस और एस्कॉर्ट टीम के सहयोग से एंबुलेंस ने आईजीआईएमएस से एम्स तक की दूरी महज 16 मिनट में पूरी की.

इस किडनी का प्रत्यारोपण फुलवारी शरीफ निवासी एक मरीज में किया गया. मरीज का पहला किडनी प्रत्यारोपण आठ जनवरी 2016 को हुआ था. उस समय उनके पिता ने किडनी दान की थी. करीब दस वर्षों तक प्रत्यारोपित किडनी ने काम किया, लेकिन बाद में उसके काम करना बंद कर देने के कारण मरीज को दोबारा प्रत्यारोपण की जरूरत पड़ी. ऐसे में ब्रेन स्टेम डेथ के बाद अंगदान से मिली किडनी उनके लिए जीवन बचाने का नया सहारा बनी.

किडनी निकालने की प्रक्रिया का नेतृत्व यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. कमलेश गुंजन ने किया. वहीं, प्रत्यारोपण सर्जरी एडिशनल प्रोफेसर डॉ. विपिन चंद्र के नेतृत्व में संपन्न हुई. नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. अमरेश कृष्णा और डॉ. मेघा सैगल ने मरीज की जांच, प्रत्यारोपण से पहले की तैयारी और चिकित्सकीय प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली. एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व प्रो. निशांत सहाय ने किया. इसमें डॉ. अजीत कुमार, डॉ. अभ्युदय और डॉ. नीरज ने सहयोग किया.

एम्स के चिकित्सा अधीक्षक सह नोडल अधिकारी प्रो. डॉ. प्रशांत कुमार सिंह ने विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और जरूरी प्रशासनिक व्यवस्थाओं में मार्गदर्शन दिया. यूरोलॉजी विभाग के सीनियर नर्सिंग ऑफिसर एवं किडनी ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर ललन कुमार ने दस्तावेजीकरण, अंग परिवहन और दोनों संस्थानों के बीच समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इस सफल प्रत्यारोपण में यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, एनेस्थीसिया, नर्सिंग सहित अन्य सहयोगी विभागों की टीम शामिल रही.

एम्स पटना की कार्यकारी निदेशक (प्रभारी) प्रो. डॉ. पूनम प्रसाद भदानी ने पूरी प्रत्यारोपण टीम को बधाई दी. उन्होंने विभिन्न विभागों के चिकित्सकों, नर्सिंग कर्मियों और सहयोगी कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की.

संस्थान ने अंगदाता के परिजनों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि अपनों को खोने के गहरे दुख के बीच अंगदान का निर्णय लेना मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की बड़ी मिसाल है. एक परिवार के इस फैसले से दूसरे परिवार को जीवन की नई उम्मीद मिली है. एम्स ने आम लोगों से भी अंगदान के प्रति जागरूक होने और इस पुनीत कार्य के लिए आगे आने की अपील की है।

Related posts

बैंकॉक के वाट अरुण मंदिर की तर्ज पर बना मां काली का भव्य पंडाल, 10 दिनों तक सजेगी सांस्कृतिक महफिल

दीपावली और छठ को लेकर फुलवारी थाने में शांति समिति की बैठक, सौहार्द के साथ पर्व मनाने की अपील

स्मैक तस्करों को 11 लाख रुपये लेकर छोड़ने के मामले में एक सिपाही गिरफ्तार, सात पुलिसकर्मी फरार