बिहार

एनएमसीएच में एचपीवी टीकाकरण जागरूकता पर सीएमई आयोजित, सर्वाइकल कैंसर रोकथाम पर दिया गया जोर

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एनएमसीएच) के सामुदायिक चिकित्सा विभाग एवं मेडिकल एजुकेशन यूनिट के संयुक्त तत्वावधान में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण जागरूकता विषय पर सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए एचपीवी टीकाकरण, नियमित स्क्रीनिंग और जन-जागरूकता को सबसे प्रभावी उपाय बताया गया।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता एवं एनएमसीएच की प्राचार्या डॉ. (प्रो.) उषा कुमारी ने कहा कि भारत में लगभग हर आठ मिनट में एक महिला की मृत्यु सर्वाइकल कैंसर के कारण होती है। उन्होंने कहा कि समय पर एचपीवी वैक्सीन, नियमित जांच और जागरूकता के माध्यम से इस बीमारी की रोकथाम संभव है। सीएमई में डॉ. अमिता सिन्हा, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. संजय, डॉ. आर. आर. दास और डॉ. वीणा सिन्हा ने एचपीवी संक्रमण, टीकाकरण और सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम से जुड़े वैज्ञानिक पहलुओं पर विस्तृत जानकारी साझा की।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. सीना सिंह ने किया, जबकि डॉ. शिल्पी रंजन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने शपथ ली कि वे 9 से 14 वर्ष की प्रत्येक बालिका को एचपीवी वैक्सीन लगवाने के लिए जागरूक करेंगे तथा भारत को सर्वाइकल कैंसर मुक्त बनाने में सक्रिय योगदान देंगे। कार्यक्रम में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की 90-70-90 रणनीति पर भी विशेष जोर दिया गया।

इसके तहत 15 वर्ष की आयु से पहले 90 प्रतिशत बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण, 30 वर्ष के बाद 70 प्रतिशत महिलाओं की नियमित स्क्रीनिंग तथा स्क्रीनिंग में संक्रमित पाई गई 90 प्रतिशत महिलाओं को समय पर उपचार उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम के अंत में विशेषज्ञों ने कहा कि व्यापक टीकाकरण, नियमित जांच और जन-जागरूकता के माध्यम से सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम संभव है और लाखों महिलाओं का जीवन सुरक्षित किया जा सकता है।

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