पूर्णिया, (न्यूज़ क्राइम 24) बुधवार को स्वास्थ्य विभाग, पूर्णिया की मासिक समीक्षात्मक बैठक का आयोजन जिलाधिकारी पूर्णिया अंशुल कुमार की अध्यक्षता में तथा सिविल सर्जन, पूर्णिया डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया की उपस्थिति में कृत्यानंद नगर प्रखंड स्थित सद्भावना सभागार में आयोजित किया गया।
बैठक में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी (DIO), जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी (VBDCO), जिला गैर-संचारी रोग पदाधिकारी (NCDO), जिला संचारी रोग पदाधिकारी (CDO), चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के उपाधीक्षक, जिला स्वास्थ्य समिति के सभी कार्यक्रम पदाधिकारी, सलाहकार एवं कर्मी, सहयोगी संस्थाओं यूनिसेफ एवं पिरामल फाउंडेशन के जिला प्रतिनिधि सहित सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, अस्पताल प्रबंधक (HM), प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक (BHM) एवं प्रखंड सामुदायिक समन्वयक (BCM) उपस्थित थे।
बैठक में HMIS (नीति आयोग सूचकांक सहित), नियमित टीकाकरण, परिवार नियोजन, एम्बुलेंस सेवा, औषधि उपलब्धता, OPD/IPD सेवाएं, ई-संजीवनी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम (टीबी एवं एनसीडी), आशा कार्यक्रम, पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) एवं भाव्या पोर्टल की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निम्नलिखित निर्देश दिए :
बैठक में जिलाधिकारी अंशुल कुमार द्वारा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के दौरान सभी गर्भवती महिलाओं की गुणवत्तापूर्ण ANC जांच सुनिश्चित की जाए। अधिक से अधिक गंभीर एनीमिया (Severe Anaemia) से ग्रसित गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनका समुचित उपचार एवं प्रबंधन किया जाए तथा सभी पात्र गर्भवती महिलाओं का सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिन प्रखंडों में संस्थागत प्रसव की उपलब्धि 40 प्रतिशत से कम है, वहां संचालित निजी स्वास्थ्य संस्थानों की गुणवत्ता जांच हेतु सिविल सर्जन को टीम गठित कर जांच कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं बीसीएम को अपने-अपने प्रखंड में संस्थागत प्रसव की उपलब्धि में अपेक्षित सुधार लाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा गया।
सभी प्रखंडों से ऐसे आशा कार्यकर्ताओं, जिनके द्वारा पिछले तीन माह में एक या दो से कम संस्थागत प्रसव कराए गए हैं, उनसे कारण-पृच्छा करते हुए सुधार नहीं होने की स्थिति में चयनमुक्ति हेतु प्रस्ताव जिला कार्यालय को भेजने का निर्देश दिया गया। इसी प्रकार नियमित टीकाकरण में कमजोर प्रदर्शन करने वाली आशा कार्यकर्ताओं के विरुद्ध भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
पिछले तीन माह में संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण एवं अन्य स्वास्थ्य सूचकांकों पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशा कार्यकर्ताओं को प्रशस्ति-पत्र प्रदान करने हेतु नामित करने का निर्देश सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को दिया गया। सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं बीसीएम को 15 दिनों के भीतर अपने-अपने स्वास्थ्य संस्थानों में रिक्त पड़े आशा पदों पर चयन प्रक्रिया पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को अपने स्वास्थ्य संस्थानों में खराब पड़े उपकरणों की सूची शीघ्र जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, ताकि आवश्यक मरम्मत एवं प्रतिस्थापन की कार्रवाई की जा सके।
टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत सभी प्रखंडों को भुगतान की स्थिति में गुणात्मक सुधार लाने तथा निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का दिया गया निर्देश :
टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत सभी प्रखंडों को एक्स-रे, NAAT जांच, टीबी मरीजों की अधिसूचना (Notification), Differentiated TB Care, TPT, निक्षय मित्र, फूड बास्केट वितरण एवं निक्षय पोषण योजना (NPY) भुगतान की स्थिति में गुणात्मक सुधार लाने तथा निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
एचपीवी (HPV) टीकाकरण की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि द्वितीय डोज से वंचित सभी पात्र छात्राओं को विद्यालय स्तर पर विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत द्वितीय डोज उपलब्धि सुनिश्चित की जाए। इसके लिए स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग समन्वय स्थापित करते हुए विद्यालयवार कार्ययोजना के अनुसार अभियान संचालित करेंगे।
राज्य स्तर से संचालित होने वाले गैर-संचारी रोग (NCD) मेगा ड्राइव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने प्रखंडवार माइक्रोप्लान, आयुष्मान आरोग्य मंदिर सहित सभी स्वास्थ्य संस्थानों में एनसीडी जांच हेतु आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, BHM एवं BCM को अभियान के सफल संचालन हेतु सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने, माइक्रोप्लान के अनुरूप कार्य करने तथा निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों के निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति, नियमित अनुश्रवण एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि जिले के स्वास्थ्य सूचकांकों में अपेक्षित सुधार लाया जा सके। वहीं सिविल सर्जन ने सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को बैठक में दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने एवं नियमित रूप से प्रगति प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
