पटना, नरेश अग्रवाल : बिहार सरकार ने राज्य में हरित ऊर्जा परियोजनाओं को गति देने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग मांगा है। ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल और ऊर्जा सचिव अजय यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी तथा MNRE सचिव संतोष कुमार सारंगी से मुलाकात कर कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की।
3305 मेगावाट ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के लिए मांगी स्वीकृति
बैठक में बिहार में 3305 मेगावाट क्षमता के ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर तथा बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) के विकास के लिए स्वीकृति और वित्तीय सहयोग का अनुरोध किया गया। यह परियोजना जमुई, बांका, लखीसराय, औरंगाबाद और कैमूर में प्रस्तावित सौर ऊर्जा परियोजनाओं से उत्पादित बिजली की निकासी और ग्रिड एकीकरण के लिए जरूरी है।
पीएम सूर्य घर योजना : 10 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं को जोड़ने का प्रस्ताव
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत बिहार में 58 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ता हैं, लेकिन फिलहाल 1.1 किलोवाट रूफटॉप सौर संयंत्र के लिए सिर्फ 2.5 लाख उपभोक्ताओं की स्वीकृति मिली है। राज्य सरकार ने पहले चरण में 10 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं को योजना में शामिल करने का प्रस्ताव MNRE को भेजा है और शीघ्र स्वीकृति का आग्रह किया।
अन्य प्रमुख मांगें
- पीएम-कुसुम योजना फेज-II: 1,000 कृषि फीडरों का सोलराइजेशन
- सोलर पार्क: औरंगाबाद में 150 मेगावाट क्षमता का SECI सोलर पार्क
- ग्रीन हाइड्रोजन नीति: बिहार ग्रीन हाइड्रोजन नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग
- NISE परिसर: राज्य में राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (NISE) के क्षेत्रीय परिसर की स्थापना
ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार ने कहा कि बिहार सरकार स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और केंद्र के सहयोग से नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का तेजी से विस्तार होगा। ऊर्जा सचिव अजय यादव ने कहा कि इन परियोजनाओं से ऊर्जा अवसंरचना मजबूत होगी और किसानों-आम उपभोक्ताओं को व्यापक लाभ मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और MNRE सचिव संतोष कुमार सारंगी ने बिहार के प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार और आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।
