फुलवारीशरीफ, अजित। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर पटना स्थित आईएएस भवन में आईएएस, आईपीएस एवं आईएफएस एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर रक्तदान किया और मानवता की सेवा का संदेश दिया।
“रक्तदान है प्राणी पूजा, इसके जैसा न दान दूजा” के संकल्प के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. रक्तदान शिविर का उद्देश्य लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करना तथा जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना था। इस अवसर पर शिक्षिका नीतू शाही ने अपना 21वां स्वैच्छिक रक्तदान कर महिलाओं को रक्तदान के लिए आगे आने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि रक्तदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए जीवनदान साबित हो सकता है. रक्तदान केवल दूसरों की मदद ही नहीं करता, बल्कि रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है।
नीतू शाही ने कहा कि नियमित रक्तदान से हृदय रोग के खतरे को कम करने में मदद मिलती है. इससे कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं की संभावना घटती है, मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है तथा शरीर को स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखने में भी सहायता मिलती है. उन्होंने महिलाओं से भी रक्तदान के प्रति जागरूक होने और समाज सेवा के इस महाअभियान में भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हम सभी रक्तवीरों के साहस और सेवा भावना को नमन करते हैं, जो दूसरों का जीवन बचाने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं.
अपने लिए तो हर व्यक्ति जीता है, लेकिन दूसरों के लिए जीने और किसी की जिंदगी बचाने का सुख अलग ही होता है। रक्तदान के लिए साहस और संवेदनशीलता दोनों की आवश्यकता होती है। कार्यक्रम में बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत भी उपस्थित रहे. उन्होंने रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं को पौधा एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और उनके सेवा भाव की सराहना की. इस अवसर पर शिक्षिका नीतू शाही को भी मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत द्वारा सम्मानित किए जाने का अवसर प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के दौरान रक्तदान के महत्व, मानव जीवन में इसकी उपयोगिता तथा सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर भी लोगों को जागरूक किया गया। रक्तदाताओं ने संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी नियमित रूप से रक्तदान कर जरूरतमंदों की मदद करते रहेंगे।
