बिहार

वैशाली इंटरनेशनल विद्यापीठ द्वारा आयोजित हुआ अखिल भारतीय भव्य कवि सम्मेलन

वैशाली इंटरनेशनल विद्यापीठ एवं मानवाधिकार टुडे के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में कोलकाता के 33, शेक्सपियर सरणी स्थित सभागार में एक भव्य सम्मान समारोह एवं अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारत एवं नेपाल सहित विभिन्न देशों और राज्यों से आए प्रतिष्ठित पत्रकारों, साहित्यकारों, शिक्षाविदों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि सिक्किम के पाक्योंग स्थित विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मोहन थे। उन्होंने अपने संबोधन में हिंदी पत्रकारिता की गौरवशाली परंपरा, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा तथा सामाजिक जागरूकता में पत्रकारों की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि आदरणीय बी.के. त्रिपाठी, चीफ विजिलेंस ऑफिसर, कोल इंडिया रहे। उन्होंने पत्रकारिता में नैतिक मूल्यों, पारदर्शिता और सामाजिक उत्तरदायित्व की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए।

सम्मानित अतिथियों के रूप में नेपाल से पधारे वरिष्ठ पत्रकार रुद्र प्रसाद सुबेदी (सीनियर रिपोर्टर, नेपाल टेलीविजन पीएसबी) तथा मोहम्मद सद्दाब (सीनियर पत्रकार, वीरगंज, नेपाल) विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने भारत-नेपाल के सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं पत्रकारिता संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर बल दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मानवाधिकार टुडे के संपादक एवं वैशाली इंटरनेशनल विद्यापीठ के संस्थापक डॉ. शशि भूषण कुमार ने किया उन्होंने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में हिंदी पत्रकारिता की दो सौ वर्षों की गौरवशाली यात्रा का स्मरण करते हुए पत्रकारों, साहित्यकारों और शिक्षाविदों के योगदान की सराहना की तथा समाज निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।कार्यक्रम का सफल संयोजन एवं संचालन वैशाली इंटरनेशनल विद्यापीठ की डिप्टी डायरेक्टर डॉ. उर्वशी श्रीवास्तव ने किया।

विशेष सम्मान समारोह

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इस अवसर पर संस्था द्वारा देश-विदेश से आए 51 प्रतिष्ठित पत्रकारों, शिक्षाविदों, साहित्यकारों एवं समाजसेवियों को ” “तेज प्रताप चौहान अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता सम्मान 2026″ एवं पद्म भूषण राहुल सांकृत्यायन विद्या विरासत सम्मान 2026”
उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सम्मानित व्यक्तित्वों में प्रमुख रूप से प्रो. मोहन (कुलपति, सिक्किम), प्रो. शैलजा (दिल्ली विश्वविद्यालय), प्रो. राकेश कुमार सिंह (दिल्ली विश्वविद्यालय), डॉ. सत्या उपाध्याय (प्राचार्या, कोलकाता गर्ल्स हिन्दी कॉलेज), डॉ. विभा कुमारी (ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा), डॉ. रेशमी पांडा मुखर्जी, डॉ. सुचेतना डे, डॉ. शिप्रा मिश्रा, एस.एन. चौरसिया, प्रदीप कुमार धानुक, देश कुमार त्रिपाठी, परवेज़ अख्तर, विशन सिखवाल, तारक नाथ राय, अरुण कुमार गुप्ता, राजेश गुप्ता, सैयद इरफान शेर, शिवेंद्र बहादुर भंडारी, सोम बहादुर गुरूंग, गिरीश चंद्र गुप्ता (नेपाल), अम्बा बहादुर, मोहम्मद सद्दाब, ओवैस असलम, ओवैल असलम, मोहम्मद असगर कमाल, आदिल परवेज, डॉक्टर सुजाता सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।नेपाल से आए पत्रकार प्रतिनिधिमंडल में रुद्र प्रसाद सुबेदी, अजमत अली सिद्दीकी, रमेश चन्द्र कुमाल, युवराज पाण्डेय, गिरीश गुप्ता, नमस्कार शाह, अमर खड़का, सोम बहादुर गुरूंग तथा शिवेन्द्र बहादुर भंडारी विशेष रूप से शामिल रहे।

उल्लेखनीय है कि कोलकाता में आयोजित यह समारोह वैशाली इंटरनेशनल विद्यापीठ का प्रथम सार्वजनिक राष्ट्रीय आयोजन था। इस अवसर पर संस्था के संस्थापक एवं मानवाधिकार टुडे के संपादक डॉ. शशि भूषण कुमार ने बताया कि वैशाली इंटरनेशनल विद्यापीठ की स्थापना की घोषणा इसी वर्ष जनवरी माह में प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित शार्क इंटरनेशनल जर्नलिस्ट फोरम के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान की गई थी।

उन्होंने बताया कि इस घोषणा के समय सिक्किम के माननीय उपराज्यपाल श्री गंगा प्रसाद, मॉरीशस से पधारीं पूर्व उपप्रधानमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती सरिता बुद्धू (Sarita Budhoo) तथा देश-विदेश से आए अनेक विशिष्ट अतिथि, पत्रकार, शिक्षाविद् और साहित्यकार उपस्थित थे। उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों की सहमति, समर्थन और शुभकामनाओं के साथ वैशाली इंटरनेशनल विद्यापीठ की स्थापना की घोषणा की गई थी।

श्री कुमार ने कहा कि वैशाली इंटरनेशनल विद्यापीठ का उद्देश्य भारतीय भाषाओं, साहित्य, पत्रकारिता, शिक्षा, संस्कृति तथा अंतरराष्ट्रीय बौद्धिक संवाद को एक साझा मंच प्रदान करना है। कोलकाता में आयोजित यह प्रथम समारोह उसी संकल्प को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।संस्था द्वारा सभी सम्मानित अतिथियों को स्मृति-चिह्न, प्रशस्ति-पत्र एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। उपस्थित अतिथियों ने इस आयोजन को हिंदी पत्रकारिता, साहित्य और शिक्षा जगत के लिए एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल बताया।सम्मान समारोह के पश्चात आयोजित कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों एवं नेपाल से आए कवियों और शायरों ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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