पटना, पीयूष कुमार प्रियदर्शी : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को संकल्प सभागार, लोक सेवक आवास में समाज कल्याण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
पेंशन भुगतान में लापरवाही नहीं
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत प्रत्येक माह की 10 तारीख तक लाभार्थियों के खातों में राशि का भुगतान हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि इसमें किसी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं होगी।
आंगनबाड़ी पर फोकस
- तकनीकी निगरानी: आंगनबाड़ी केंद्रों पर दी जाने वाली सेवाओं की तकनीक के माध्यम से गहन निगरानी की जाएगी।
- 100% उपस्थिति: सेविका/सहायिका तथा शत-प्रतिशत लक्षित बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
- CSR से सहयोग: आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन को सुदृढ़ बनाने के लिए कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के माध्यम से सहयोग की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
सीएम ने कहा, “आंगनबाड़ी केंद्र जितना अच्छा बनेगा, बच्चों का विकास उतना ही अच्छा होगा।”
कुपोषण सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्टंटिंग एवं वेस्टिंग के आंकड़ों में सुधार करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।
योजनाओं का दायरा बढ़ेगा
परवरिश योजना सहित अन्य सामाजिक कल्याण योजनाओं का दायरा बढ़ाकर अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित किया जाएगा। योजनाओं के तहत दिए जाने वाले लाभ को बढ़ाने के लिए पुनः समीक्षा होगी। साथ ही समाज कल्याण विभाग में रिक्त पदों को भरने की कार्रवाई भी की जाएगी।
सीएम का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता एवं समयबद्ध निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाए। “जन कल्याण के कार्यों को पूरी संवेदनशीलता के साथ करना है, इससे लोगों का जीवन बदलेगा।”
प्रस्तुतीकरण
बैठक में अपर मुख्य सचिव एच०आर० श्रीनिवास ने समेकित बाल विकास सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा निदेशालय, महिला एवं बाल विकास निगम के कार्यों की जानकारी दी।
ये रहे मौजूद
बैठक में समाज कल्याण मंत्री श्वेता गुप्ता, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, सामाजिक सुरक्षा निदेशक धर्मेन्द्र कुमार समेत अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
