पटना, नरेश अग्रवाल : बिहार सरकार ने राज्य की पहचान, छवि और निवेश की संभावनाओं को राष्ट्रीय-वैश्विक स्तर पर मजबूत करने के लिए “ब्रांड बिहार” नाम से एक बड़ी रणनीतिक पहल शुरू की है। बुधवार को मुख्य सचिव कोषांग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसकी घोषणा की।
क्या है “ब्रांड बिहार”?
यह मुख्य सचिव कोषांग के तहत राज्य-व्यापी पहल है। मकसद है बिहार को सिर्फ तथ्यों और जमीन पर दिख रहे बदलावों के जरिए निवेश, नवाचार और अवसरों के उभरते गंतव्य के रूप में स्थापित करना।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत करेंगे नेतृत्व
इस पहल को रणनीतिक दिशा देने के लिए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत खुद इसकी कमान संभालेंगे। श्रद्धा शर्मा इस पहल में सहयोग करेंगी। सभी सरकारी विभागों के साथ मिलकर एक साझा नैरेटिव तैयार किया जाएगा ताकि बिहार की बदलाव की कहानी प्रामाणिक तरीके से दुनिया तक पहुंचे।
6 बड़े फोकस एरिया :
- छवि निर्माण: साक्ष्य-आधारित स्टोरीटेलिंग से बिहार की प्रगतिशील पहचान बनाना।
- विकास कार्यों का प्रदर्शन: जमीनी स्तर के सुधार, नागरिकों पर असर और विभागीय उपलब्धियों को दिखाना।
- निवेश गंतव्य: विभिन्न क्षेत्रों में मौके उजागर कर बिहार को निवेश फ्रेंडली राज्य बनाना।
- सहयोगी मंच: विभागों, उद्योगों, स्टार्टअप्स, शिक्षा और समुदायों को एक प्लेटफॉर्म पर लाना।
- ब्रांड आर्किटेक्चर: राज्य के लिए दीर्घकालिक ब्रांड और संचार का ढांचा तैयार करना।
- AI डैशबोर्ड: जनभावनाओं को समझने के लिए AI आधारित मॉनिटरिंग और सेंटीमेंट मैपिंग सिस्टम बनाना।
सिर्फ प्रचार नहीं, दीर्घकालिक बदलाव का मिशन
लॉन्च पर कहा गया कि “ब्रांड बिहार” सिर्फ संचार की पहल नहीं है। यह राज्य के परिवर्तन और छवि-निर्माण का दीर्घकालिक प्रयास है। इसमें विकास, पहचान, निवेश और नागरिक भागीदारी को एक साझा दृष्टिकोण से जोड़ा जाएगा।
इस पहल के तहत सभी विभागों के बीच ज्ञान साझा करने और समय-समय पर अपडेट के लिए व्यवस्थित तंत्र बनेगा। उद्देश्य साफ है: बिहार की उपलब्धियों और बदलावों को प्रभावी ढंग से दस्तावेज और संप्रेषित कर राज्य की मजबूत, प्रामाणिक और भविष्य के लिए तैयार पहचान बनाना।
