बिहार

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से AIJGF प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के व्यवसायिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा जो
ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन — AIJGF के बिहार अध्यक्ष भी है उनके नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से मुलाकात कर ज्वेलरी उद्योग से जुड़े गंभीर मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को बताया कि सोना खरीद टालने जैसी अपीलों से देश के ज्वेलरी इकोसिस्टम पर गंभीर असर पड़ सकता है। इस उद्योग से छोटे ज्वेलर्स, सुनार, कारीगर, आर्टिजन, मैन्युफैक्चरर्स, रिफाइनर्स, हॉलमार्किंग सेंटर, ट्रांसपोर्टर्स और लाखों परिवार जुड़े हुए हैं। कुल मिलाकर लगभग 3.5 करोड़ भारतीयों की आजीविका इस इकोसिस्टम से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई है।

AIJGF ने मंत्री के समक्ष यह भी रखा कि देश का Gold Import Bill कम करना निश्चित रूप से राष्ट्रीय आवश्यकता है, लेकिन इसका समाधान ज्वेलरी मांग को दबाने में नहीं, बल्कि देश में पड़े निष्क्रिय सोने को उत्पादक अर्थव्यवस्था में लाने में है। इसके लिए AIJGF ने Bullion Bank Framework बनाने का प्रस्ताव रखा, जिसके माध्यम से घरों, मंदिरों, संस्थाओं और Gold ETFs में पड़े सोने को mobilise कर ज्वेलरी उद्योग, manufacturers, exporters और refiners तक व्यवस्थित रूप से पहुंचाया जा सके। मुलाकात के दौरान चिराग पासवान ने ज्वेलरी उद्योग की चिंता को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि “आपकी इंडस्ट्री का मुद्दा एकदम जायज़ है। मुझे 2–3 दिन का समय दीजिए। प्रधानमंत्री जी के भारत आते ही मैं उनसे मुलाकात कर आपकी इंडस्ट्री की समस्या के समाधान के लिए बात करूंगा। मंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि ज्वेलरी उद्योग की बात उचित मंच तक पहुंचाई जाएगी और इस विषय पर सकारात्मक समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।

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AIJGF के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने कहा कि ज्वेलरी उद्योग देश की परंपरा, रोजगार और अर्थव्यवस्था से गहराई से जुड़ा हुआ है। यह केवल व्यापार नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों की आजीविका का आधार है। उन्होंने मंत्री चिराग पासवान जी का उद्योग की बात गंभीरता से सुनने और प्रधानमंत्री जी तक विषय रखने का आश्वासन देने के लिए आभार व्यक्त किया। लोजपा (आर) व्यावसायिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि भारत को विदेशी मुद्रा बचाने और ज्वेलरी उद्योग की आजीविका बचाने में से किसी एक को चुनने की आवश्यकता नहीं है। सही नीति ढांचे के माध्यम से दोनों लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि Bullion Bank Framework देश के लिए एक व्यावहारिक और दीर्घकालिक समाधान हो सकता है, जिससे Gold Import Bill कम होगा और घरेलू ज्वेलरी उद्योग को भी मजबूती मिलेगी।

AIJGF ने विश्वास व्यक्त किया कि मंत्री चिराग पासवान जी द्वारा दिए गए सकारात्मक आश्वासन से ज्वेलरी उद्योग की आवाज़ सरकार के उच्चतम स्तर तक पहुंचेगी और जल्द ही इस विषय पर ठोस नीति संवाद शुरू होगा। फेडरेशन ने कहा कि भारत को अपने ज्वेलरी इकोसिस्टम को कमजोर नहीं करना चाहिए, बल्कि अपने गोल्ड इकोसिस्टम को आधुनिक, पारदर्शी और उत्पादक बनाना चाहिए। इस प्रतिनिधि मंडल में केरल से एस एस मनोज, छत्तीसगढ़ से अमर परवानी, आगरा से रोहित कत्याल, वाराणसी से अखिलेश मिश्रा, कानपुर से अशोक कुमार बाजपेई, Aijgf राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा, सागर केसरवानी, दिल्ली से राकेश मल्लिक एवं अन्य लोग शामिल हुए।

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