शेखपुरा, उमेश कुमार : शेखर आनंद, जिला पदाधिकारी शेखपुरा की अध्यक्षता में उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ की प्रगति को लेकर आज बैठक आयोजित की गई। उक्त बैठक जिले में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना और सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने हेतु प्रयत्नशील है। जिला पदाधिकारी महोदय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए निर्देश दिया कि जिले के एक गाँव को ‘मॉडल सोलर विलेज’ के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों द्वारा प्रारंभिक तौर पर 10 गाँवों का चयन किया गया है। इन गाँवों में सौर ऊर्जा के बुनियादी ढांचे को इस तरह सुदृढ़ किया जाएगा कि वे पूरे जिले के लिए एक उदाहरण बन सकें।
चयनित प्रमुख गाँव मेहूस, गवय, गगौर, डीहकुसुभा, लोहान, तेउस, पांची, अंबारी, हुसैनाबाद और घुसकुरी। जिला पदाधिकारी महोदय ने कार्यपालक अभियंता (विद्युत) को सख्त निर्देश दिए कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को इस योजना के तकनीकी और वित्तीय लाभों के बारे में विस्तार से बताया जाए ताकि अधिक से अधिक परिवार पंजीकरण करा सकें। आम जनता की सुविधा और जानकारी के लिए आगामी शनिवार को बिजली कार्यालय में एक विशेष शिविर (Camp) का आयोजन किया जा रहा है, जहाँ लोग योजना से जुड़ी जानकारी और सहायता प्राप्त कर सकते हैं। चूँकि इस योजना में ऋण (Loan) और सब्सिडी की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए बैठक में बैंकिंग प्रतिनिधियों की उपस्थिति अनिवार्य रही।
जिला पदाधिकारी ने सभी बैंक प्रबंधकों को निर्देश दिया कि वे आवेदकों के ऋण संबंधी प्रक्रियाओं को सरल बनाएं और उसमें तेजी लाएं ताकि वित्तीय बाधाओं के कारण कोई भी इस लाभ से वंचित न रहे। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जिला प्रशासन और बैंकिंग क्षेत्र के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए जिनमें उप विकास आयुक्त, कार्यपालक अभियंता, विद्युत विभाग।
लीड बैंक मैनेजर (LDM) शाखा प्रबंधक यूको बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक एवं अन्य सभी प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधि।
जिला प्रशासन शेखपुरा की इस सक्रियता से यह स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में शेखपुरा जिला नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा। “प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना” न केवल बिजली बिलों में कटौती करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित होगी।
