अररिया, (न्यूज़ क्राइम 24) जिला विधिक सेवा प्राधिकार, अररिया के तत्वावधान में रविवार को फारबिसगंज प्रखंड के हरिपुर पंचायत सरकार भवन में एक भव्य विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष गुंजन पाण्डेय एवं सचिव रोहित कुमार श्रीवास्तव के दिशा-निर्देश पर आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को उनके मौलिक अधिकारों और कानूनी उपचारों के प्रति सचेत करना था। शिविर को संबोधित करते हुए पैनल अधिवक्ता राहुल रंजन ने बाल विवाह उन्मूलन पर जोर देते हुए कहा कि यह न केवल एक सामाजिक बुराई है बल्कि कानूनन अपराध भी है।

उन्होंने लोक अदालत के महत्व को समझाते हुए बताया कि कैसे ग्रामीण बिना किसी खर्च के अपने पुराने विवादों का निपटारा कर सकते हैं, इस अवसर पर राहुल रंजन ने पंचायत स्तर पर विधिक सहायता केंद्र की उपयोगिता बताई। मौके पर श्री राहुल रंजन ने शिविर में सरकारी योजनाओं के समावेशन पर भी विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य आपदा पीड़ितों को उनके कानूनी अधिकारों और नालसा योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी देना था. जागरूकता कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को बताया गया कि इसके तहत प्राकृतिक या मानव-निर्मित आपदाओं से प्रभावित लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता और पुनर्वास से संबंधित सहयोग प्रदान किया जाता है.
यह योजना राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रारंभ की गई है. जिसे राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों के माध्यम से लागू किया जाता है. कार्यक्रम में बताया गया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपदा के कारण कोई भी नागरिक न्याय से वंचित न रहे और पीड़ितों को उनके अधिकारों की पूरी जानकारी मिल सके. बाढ़, भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ दंगे, औद्योगिक दुर्घटनाओं जैसी मानव-निर्मित आपदाओं के शिकार लोग भी इस योजना के अंतर्गत सहायता प्राप्त कर सकते हैं. वक्ताओं ने कहा कि नालसा योजना के तहत आपदा पीड़ितों को मुफ्त कानूनी सलाह, आवश्यक मामलों में न्यायालय में कानूनी प्रतिनिधित्व तथा पुनर्वास से संबंधित सहायता उपलब्ध कराई जाती है.
यह योजना विशेष रूप से समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के लिए अत्यंत लाभकारी है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक बोझ के न्याय प्राप्त कर सकें. इस कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता राहुल रंजन ने लोगों को सरल भाषा में विधिक सेवाओं की जानकारी दी. पेनल अधिवक्ता राहुल रंजन जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाई. स्थानीय लोगों ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया. जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को लोगों ने उपयोगी बताया, भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता शिविर आयोजित करने की मांग की, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोग मुफ्त कानूनी सेवाओं का लाभ उठा सकें।
विधिक सेवा प्राधिकार का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को मुफ्त कानूनी सहायता और न्याय तक पहुंच प्रदान करना है, जिसके लिए वे कानूनी जागरूकता शिविर, लोक अदालतें और मीडिया के माध्यम से लोगों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में शिक्षित करते हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति केवल पैसे या जानकारी की कमी के कारण न्याय से वंचित न रहे। ये प्राधिकरण लोगों को सशक्त बनाने, शोषण रोकने और सरकारी योजनाओं से जोड़ने में मदद करते हैं।
इस मौक़े पर मुख्य रूप से मुखिया परमानंद ऋषिदे सरपंच ललिता देवी, पीएलवी मो ईनाम आलम, पंचायत समिति बादल उप सरपंच अमित राज वार्ड सदस्य ललित कुमार गुलाम मुस्तफा राजस्व कर्मचारी अभिलाषा कुमारी,मो० इलताफ अशोक मेहता, मुखिया परमानंद ऋषिदेव सरपंच ललिता देवी, पंचायत समिति बादल उप सरपंच अमित राज,वार्ड सदस्य ललित कुमार ,गुलाम मुस्तफा, राजस्व कर्मचारी अभिलाषा कुमारी, मो० इलताफ अशोक मेहता,बिपिन कुमार, उमानंद मेहता सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।
