अररिया, रंजीत ठाकुर : नरपतगंज अंचल क्षेत्र के भारत नेपाल सीमा से सटे घूरना बाजार में देवस्थल की भूमि को कब्रिस्तान की भूमि बता कर चहारदीवारी किये जाने पर एक पक्ष के ग्रामीण व बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने निर्माण कार्य पर रोक लगा दिया। बतादे कि कब्रिस्तान में देवस्थल की भूमि निकलने पर दोनों पक्षों के सहमति पर फारबिसगंज अनुमंडल पदाधिकारी, नरपतगंज अंचल पदाधिकारी एवं घूरना थाना पुलिस के समक्ष थाना परिसर में पांच माह पूर्व दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दी गई थी। कब्रिस्तान के लिये 35 फीट भूमि मुस्लिम समाज को दी गई थी।
बाकी बचे शेष जमीन देवस्थल के लिए हिंदू पक्ष को दिया गया था। बीते शनिवार को अचानक सरकारी योजना के तहत ठेकेदार के द्वारा हिंदू पक्ष को बिना सूचना दिए बगैर उक्त सम्पूर्ण भूमि पर कब्रिस्तान के नाम की योजना पास करवा कर चार दिवारी का कार्य शुरू कर दिया गया । वहीं बजरंग दल के पूर्व जिला संयोजक मनोज सोनी को ग्रामीणों के द्वारा मामले की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही श्री सोनी के द्वारा नजदीकी थाना को सूचना दी गई तथा सभी लोग स्थल पर पहुंचे ।
वहीं श्री सोनी का पैर फैक्चर होने से अस्वस्थ रहने के बावजूद भी बजरंग दल के पूर्व जिला संयोजक मनोज सोनी रविवार को अपने साथियों के साथ घूरना के उक्त स्थल पर पहुंचे जहां उन्होंने शमशान घाट के तरफ से हो रही घेराबंदी कार्य को रोकते हुए सिर्फ कब्रिस्तान की घेराबंदी करने को कहा । श्री सोनी ने कहा उक्त जमीन हिंदू धर्म स्थल के नाम से सरकार के पंजी में दर्ज रहने के बावजूद हिंदू वर्ग के वोट लेने वाले विधायक, कब्रिस्तान के नाम से चाहरदिवारी, घेराबंदी का टेंडर कैसे पास कर दिया। वहीं मामले को लेकर घूरना थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी हुई है। विवादित स्थल पर निर्माण कार्य पर रोक लगा दिया गया है। जो स्थल विवादित नहीं है उस पर कार्य किया जा रहा है।
