अररिया, रंजीत ठाकुर। जिले में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को प्रभावी बनाने की पहल जारी है। संभावित फाइलेरिया मरीजों की खोज के लिये बीते जून माह में संचालित नाइट ब्लड सर्वे अभियान के क्रम में निर्धारित संख्या से अधिक लोगों के रक्त नमूनों की जांच के बावजूद निर्धारित किसी भी साइट पर एक फीसदी मरीज नहीं मिले। लिहाजा अररिया प्री ट्रांसमिशन फेज में पहुंच चुका है। इसके सत्यापन को लेकर आगामी 23 नवंबर से पुन: एक बार जिले में नाइट ब्लड सर्वे अभियान संचालित किया जायेगा।
इसके सफल क्रियान्वयन को लेकर खासतौर पर प्रशिक्षित किया गया है। जिला स्वास्थ्य समिति सभागार में सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह की अगुआई में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीवीबीडीसीओ डॉ अजय कुमार सिंह, डीआईओ डॉ मोईज, डब्ल्यूएचओ के क्षेत्रीय समन्वयक डॉ दिलीप कुमार, डीपीएम स्वास्थ्य संतोष कुमार सहित सहयोगी संस्था पिरामल स्वास्थ्य, सीफार के प्रतिनिधि मौजूद थे। एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी लैब टेक्निशियन व बीसीएम को अभियान की सफलता को लेकर जरूरी प्रशिक्षण दिया गया।
उत्साहित मन से अभियान की सफलता का करें प्रयास –
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि बीते दिनों जिले में संचालित नाइट ब्लड सर्वे बेहद सफल रहा। राज्य स्तर से भी इसकी सराहना की गयी। इसका पूरा श्रेय संबंधित कर्मियों को जाता है। हमें अपना यही उत्साह इस बार भी बरकरार रखना होगा। ताकि फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में हम जिले को एक और पायदान आगे ले जा सकें।
फाइलेरिया मुक्त जिला संबंधी लक्ष्य के करीब हैं हम-
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अजय कुमार सिंह ने कहा कि जिले में एनबीएस का ये चरण अगर पूर्व की तरह सफल साबित हुआ तो हम फाइलेरिया मुक्त जिला होने के लक्ष्य के बेहद करीब होंगे। टास्क एसेसमेंट फेज में संभावित मरीजों को चिह्नित करने के लिये किट से जांच होगी। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर ही उक्त इलाके में एनबीएस होगा। उन्होंने बताया कि एनबीएस अभियान के क्रम में इस बार जिले के सभी प्रखंडों के चिह्नित तीन साइट निर्धारित किये जायेंगे। प्रत्येक साइट पर फाइलेरिया संबंधी जांच के लिये 300 लोगों का रक्त नमूना संग्रह किया जायेगा। इस तरह हर एक प्रखंड से कुल 900 लोगों की जांच अभियान के क्रम में होनी है। इसी तरह अभियान के क्रम में जिले के सभी नौ प्रखंडों से कुल 8100 सौ लोगों के रक्त नमूनों की जांच का लक्ष्य है।
प्रत्येक साइट पर चार सदस्यीय टीम होगी प्रतिनियुक्त-
एनबीएस अभियान के प्रत्येक साइट पर स्वास्थ्य अधिकारी व कर्मियों की चार सदस्यीय टीम प्रतिनियुक्त की जायेगी। इसमें लैब टेक्निशियन, संबंधित क्षेत्र की आशा संबंधित पीएचसी के बीसीएम या बीएचएम, वीवीडी कार्यालय के कर्मी व सहयोगी संस्था के प्रतिनिधि अभियान की सफलता में अपना सक्रिय सहयोग करेंगे।
