बिहार

प्रमंडलीय आयुक्त ने की प्रमंडल स्तरीय स्वास्थ्य विभाग की समीक्षात्मक बैठक

पूर्णिया, न्यूज क्राइम 24। प्रमंडल के सभी जिलों में संचालित सरकारी अस्पतालों में प्रसव के दौरान उच्च जोख़िम वाली गर्भवती महिलाओं को आवश्यकता अनुसार सी- सेक्शन के तहत सावधानी पूर्वक प्रसव कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जिला और अनुमंडलीय अस्पताल में सभी प्रकार की जांच यथा – एक्सरे, अल्ट्रा साउंड, रक्त जांच शत प्रतिशत होना चाहिए। इसके अलावा गुणवत्ता पूर्ण सुविधाओ की उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर आवश्यक कदम उठाकर सुदृढ़ किया जाए। ताकि अंतिम पायदान पर रहने वालों को गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सुविधा मिल सकें।

उक्त बातें पूर्णिया प्रमंडल के प्रमंडलीय आयुक्त मनोज कुमार ने स्वास्थ्य विभाग की प्रमंडलीय स्तर की समीक्षात्मक बैठक के दौरान कही। आगे उन्होंने यह भी कहा कि प्रमंडल के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सरकार और विभागीय स्तर पर मिलने वाली चिकित्सीय सुविधाओं को शत प्रतिशत उपलब्ध कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसे अनिवार्य रूप से हमलोगों को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करना होगा। दरअसल सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग स्थानीय स्तर पर क्षेत्र की जनता का ख्याल रख हर तरह की सुख सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। इसके लिए बेहतरीन चिकित्सीय सुविधाओं के साथ- साथ व्यवस्था प्रदान करने के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।

इस दौरान आयुक्त के सचिव शाहिद परवेज़, क्षेत्रीय स्वास्थ्य अपर निदेशक डॉ विजय कुमार, सभी जिलों के सिविल सर्जन, डीपीएम, डीपीसी, डीसीएम,  डीएमएनई, डीसीक्यूए, आईसीडीएस की डीपीओ, क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक कैसर इक़बाल, क्षेत्रीय आशा समन्वयक प्रियंका कुमारी, आरएमएनई सपना कुमारी, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजर विभूति रंजन, लेखापाल सौरभ कुमार हमदम, यूनिसेफ के शिवशेखर आनंद, डब्ल्यूएचओ के डॉ दिलीप कुमार, पिरामल स्वास्थ्य की ओर से आरएम नीलम पाठक, डीएमएसओ डॉ सनोज यादव, सिफार के धर्मेंद्र रस्तोगी, श्याम जी सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

प्रमंडल के सभी जिलों से संबंधित विभिन्न योजनाओं को लेकर की गई चर्चा: आयुक्त


प्रमंडलीय आयुक्त मनोज कुमार की अध्यक्षता में प्रमंडलीय सभागार में आयोजित पूर्णिया, किशनगंज, अररिया एवं कटिहार जिले से संबंधित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान विभिन्न मुद्दों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। बैठक में  प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता एवं उनकी ससमय उपस्थिति, दवाओं की आपूर्ति एवं उपलब्धता, एक्सरे दुकानों की जांच सहित कई अन्य प्रकार की योजनाओं से संबंधित जानकारी ली गई। बैठक के दौरान स्वास्थ्य संस्थानों में साफ-सफाई एवं अन्य सुविधाओं की व्यवस्था, एंबुलेंस की उपलब्धता, गर्भवती माताओं एवं आशा कार्यकर्ताओं को भुगतान की स्थिति सहित कई बिंदुओं पर चर्चा करने के बाद आवश्यक दिशा- निर्देश दिया गया।

आरोग्य दिवस पर गर्भवती महिलाओं की जांच अनिवार्य रूप से करना सुनिश्चित किया जाए: आयुक्त

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प्रमंडलीय आयुक्त मनोज कुमार ने समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों से गहनतापूर्वक चर्चा के बाद प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) के दौरान गर्भवती महिलाओं को चार तरह की जांच के साथ ही आयरन की गोली खाने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। दरअसल जब तक गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच ठीक से नहीं होगी तब तक प्रसव के दौरान जच्चा व बच्चा सुरक्षित नहीं रह सकता है। जिससे प्रसव के दौरान मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को शून्य किया जा सकता है। इसके लिए आरोग्य दिवस के दिन अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं की जांच अनिवार्य रूप से करना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। समीक्षात्मक बैठक के दौरान प्रमंडलीय आयुक्त कुमार द्वारा स्वास्थ्य संस्थानों के द्वारा मरीज़ों को दी जा रही चिकित्सीय सुविधाओं को लेकर गहनतापूर्वक जानकारी ली गई।

आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चों को डीबीटी के माध्यम से योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए: आयुक्त


आयुक्त मनोज कुमार ने समेकित बाल विकास परियोजना के जिला कार्यक्रम अधिकारियों से जिलों में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी ली। प्रमंडल के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, कन्या उत्थान योजना, परवरिश योजना के अलावा गोद भराई, अन्नप्राशन, शत प्रतिशत नियमित टीकाकरण के साथ ही पोषण माह के दौरान कार्यान्वित योजनाओं को लेकर जानकारी लेने के बाद आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। आयुक्त ने कहा कि क्षेत्र के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविका फिलहाल हड़ताल पर हैं। लेकिन योजनाओं को किसी भी हाल में प्रभावित नहीं होना चाहिए। केंद्रों में नामांकित बच्चों को डीबीटी के माध्यम से योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना होगा।

प्रमंडलीय आयुक्त ने पूर्णिया में एमडीए अभियान को सराहा:


आयुक्त ने सभी जिलों के सिविल सर्जन और संबंधित अधिकारियों से प्रमंडल के सभी जिलों में संचालित अस्पतालों में प्रसव के दौरान उच्च जोख़िम वाली गर्भवती महिलाओं को सी- सेक्शन के तहत सावधानी पूर्वक प्रसव कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों की संख्या बढ़ाने, शत-प्रतिशत नियमित टीकाकरण कराने, परिवार नियोजन, एमएमडीपी की संख्या बढ़ाने, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के माध्यम से एनीमिया मुक्त अभियान को सफल बनाने, एचडब्ल्यूसी पर सभी प्रकार के कार्यक्रमों को क्रियान्वयन कराने, नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) को विशेष रूप से ध्यान देने सहित आरबीएसके के तहत राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम को लेकर विस्तारपूर्वक जानकारी ली। पूर्णिया जिले में सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान को शत प्रतिशत सफलता को लेकर विस्तृत जानकारी ली गई।

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