बिहार

सुधा अब देश में दुग्ध संग्रहण में छठे स्थान पर पहुँचा

पटना(अजीत यादव): सुधा दूध का संग्रहण अब पूरे भारतवर्ष में छठे स्थान पर पहुंच गया है. इसकी जानकारी शुक्रवार को कॉम्फेड के निदेशक पर्षद की 102 वीं बैठक में बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की प्रधान सचिव सह कॉम्फेड अध्यक्षा डा० एन० विजयलक्ष्मी ने दी. बैठक में कॉम्फेड की प्रगति की समीक्षा की गई एवं भविष्य की कार्य-योजना के सम्बन्ध में दिशानिर्देश दिए गये . कॉम्फेड अध्यक्षा ने वर्ष 2023 में एक दिन के कुल दुग्ध संग्रहण को 25 लाख किलो से भी अधिक हो जाने तथा कॉम्फेड के दुग्ध संग्रहण के क्षेत्र में नवें स्थान से छठे स्थान पर पहुँच जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की . इस बैठक में बताया गया कि बिहार के बाद अब उत्तर प्रदेश दिल्ली और पश्चिम बंगाल में भी सुधा के दूध और दुग्ध उत्पादों की बिक्री होगी . इतना ही नही नई दिल्ली मेट्रो , दिल्ली एयरपोर्ट पर सुधा के जल्द ही बूथ खुलेंगे .

इस बैठक में कॉम्फेड में महिला समितियों की संख्या 4568 है जिसे बढ़ाने का निदेश दिया गया साथ ही यह भी बताया गया की कॉम्फेड के विपणन नेटवर्क में भी वृद्धि हुई है . इसके अलावा अब उत्तर-पूर्व के राज्यों, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, दिल्ली में सुधा दूध एवं दुग्ध उत्पादों का विपणन किया जाएगा. विपणन की विकसित की जा रही रणनीति के तहत अब दिल्ली मेट्रो तथा दिल्ली एयरपोर्ट पर सुधा के बूथ स्थापित होंगे. पशुपालकों के लाभ हेतु धारा के एफ०पी०ओ० को बढ़ावा दिया जा रहा है जिसे शीघ्र आरम्भ करने का निदेश दिया गया.

प्रधान सचिव, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा सूचित किया कि राज्य सरकार का सहयोग जो सात निश्चय -2 के तहत प्रदान किया जा रहा है के साथ-साथ अब कृषि रोड मैप के तहत भी राज्य में गव्य के विकास के लिए महात्वाकांक्षी योजनायें जिसमें समिति गठन, स्वचालित दुग्ध संग्रहण इकाई, नए डेयरी संयंत्र, विक्रय तंत्र के विकास, पशु आहार आदि की योजनाओं के साथ साथ राज्य में उन्नत नस्ल के दुधारू पशुओं की संख्या बढ़ाने की भी योजना है. कॉन्फेड अपने उत्पादों का देश के बाहर विपणन करे इसके लिए नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट लि० की सदस्यता की स्वीकृति प्रदान की गई तथा पटना स्थित संजय गाँधी इन्स्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नालॉजी के छात्रों को प्रशिक्षण प्रदान करने 1.0 लाख लीटर की डेयरी की स्थापना एवं संचालन के सहयोग को भी स्वीकृति प्रदान की गई .

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कॉम्पोंड के प्रबन्ध निदेशक अभय कुमार सिंह, भा०प्र०से० ने बताया कि इस वर्ष अप्रैल, 2023 में दूध की दरों में व्यापक वृद्धि की गई. दुधारू पशुओं के नस्ल उन्नयन हेतु गत वर्ष 29.31 लाख गर्भाधान किए गए जो अबतक का सर्वाधिक है. राज्य के सभी गाँव के सभी दुग्ध उत्पादकों को सुधा से जोड़ने हेतु पशुपालकों का सर्वे किया गया है एवं अब हम प्रयास कर रहे हैं कि उन्हें दुग्ध सहकारिता से जोड़ा जाए . ग्रामीणों को सहकारिता से अवगत कराने के लिए दिसम्बर 22 से गाँवों में जाकर सहकारिता विकास कार्यक्रम चलाए जा रहें हैं एवं अबतक लगभग 800 गाँवों में इसका आयोजन किया जा सका है जिसमें लगभग 38000 ग्रामीणों ने भाग लिया.

बैठक में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के प्रतिनिधि, निदेशक, गव्य विकास, बिहार, निबंधक सहयोग समितियाँ के प्रतिनिधि, दुग्ध संघों के अध्यक्षों एवं महाप्रबंधक, कॉम्फेड आदि ने भाग लिया।

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