खगौल(अजीत यादव): समाज में व्याप्त विकृतियों को मिटाने के लिए माता सीता के आदर्शों को स्थापित करना होगा। माता सीता इस देश और समाज के लिए संस्कृति, मर्यादा और प्रेरणा है। यह बातें बिहार राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ अर्लेकर ने शुक्रवार को सीता तीर्थ न्यास ,पटना की ओर से सीता अवतरण दिवस सह भारतीय स्त्री दिवस कार्यक्रम में सीता तीर्थ, लखनी विगहा, खगौल (योगी गैस गोदाम के पास ) में घनुर्धारी वेद्वंती सीता विग्रह के अनावरण और करीब 4000 वर्गफीट में बांस से नव निर्मित सुनयना सभागार के अपने उद्घाटन सम्बोधन में कहा है। उहोने कहा कि बिहार आने के बाद हमने राजभवन में बैठ कर बिताने के वजाय गाँव-गाँव जा कर लोगों से मिल कर , बिहार की धरती, संस्कृति और इतिहास को जानना चाहते हैं।
इस से पूर्व अपने स्वागत सम्बोधन में पूर्व केंद्रमंत्री सह सीता तीर्थ न्यास के संस्थापकाध्यक्ष प्रो.संजय पासवान ने बताया कि यहां हर महीने की शुक्ल नवमी को सीता सत्संग का आयोजन होगा , जिसमें महिलाएं भाग लेंगी। वहीं हर गुरुवार को गुरु गोष्ठी होगी , जो दो घंटे तक चलेगी। मंदिर में मुख्य रूप से व्यायामशाला , कर्मशाला , ज्ञानशाला और यज्ञशाला का भी निर्माण किया जाएगा। सीता तीर्थ न्यास की ओर से शोध पत्र निकाला जाएगा। यह प्रत्येक तीन महीने पर जारी होगा , जो अंग्रेजी , हिन्दी और संस्कृत में होगा। खास व्यायामशाला में किशोर और युवाओं को जोड़ने के लिए योग, संगीत, नाट्यकाला, मूर्तिकला , खेलकूद आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस के अलावा महान गणितज्ञ आर्यभट्ट की इस कर्मभूमि खगौल ( खगोल ) की पहचान देश विदेश में स्थापित करने के लिए हर वर्ष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम में न्यायमूर्ति मृदुला मिश्र, कुलपति , सी एन, एल, यू , बिहार, बी के कंचन बहन, प्रजापति ब्रह्मकुमारी संस्थान, कामेश्वर चौपाल, सदस्य,राम जन्मभूमि , सायन कुमार, लेखक, प्रो॰संजय पासवान, संस्थापकाध्यक्ष सीता तीर्थ आदि ने भी अपने-अपने विचार रखे | इस मौके पर विभिन्न क्षेत्रों में कायर्र्त 8 विभूतियों में मुख्य रूप से प्रेमलता मिश्र,डॉ॰ अनिल सुलभ,रामशंकर शास्त्री,उषा झा , मेघा अग्रवाल,सायन कुणाल ,तेज राशि मेहरोत्रा और रामशरण अग्रवाल को राज्यपाल अर्लेकर ने प्रशस्ति-पत्र, शॉल एवं माता सीता की प्रतिमा प्रदान कर ‘सीता सखी’ सम्मान से सम्मानित किया।
