बिहार

जन-जागरूकता व सामूहिक भागीदारी से डेंगू के मामलों पर नियंत्रण संभव

अररिया(रंजीत ठाकुर): डेंगू व चिकनगुनिया रोग पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से जिले में मंगलवार को सघन जागरूकता अभियान का संचालन किया गया। प्रखंड स्तर पर इसे लेकर जागरूकता रैली निकाली गयी। वहीं सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह की अध्यक्षता में स्वास्थ्य अधिकारियों की आयोजित बैठक में डेंगू व चिकनगुनिया रोग से संबंधित मामलों की गहन समीक्षा की गयी। समीक्षात्मक बैठक में वीबीडीसीओ डॉ अजय कुमार सिंह, डीआईओ डॉ मोईज, डीपीएम स्वास्थ्य रेहान अशरफ, एमओआईसी अररिया डॉ जावेद, वीडीसीओ ललन कुमार, डीएएम सनोज कुमार, प्रभात कुमार सहित अन्य मौजूद थे।

डेंगू के खतरों के प्रति आम लोगों को करें जागरूक :

समीक्षात्मक बैठक में सिविल सर्जन ने कहा कि बारिश के मौसम में डेंगू व चिकनगुनिया रोग का खतरा बढ़ जाता है। डेंगू की बीमारी एडीज मच्छर के काटने से होती है। इससे मरीज के शरीर में प्लेटलेट्स तेजी से कम होने लगते हैं। प्लेटलेट्स बेहद कम हो जाये तो इससे रोगी की मौत भी हो सकती है। इसलिये संभावित रोग के खतरों को देखते हुए इसके प्रति आम लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। ताकि रोग के प्रसार संबंधी संभावनाओं को निरस्त किया जा सके।

जिले में डेंगू के उपचार का बेहतर इंतजाम :

जानकारी देते हुए जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अजय कुमार सिंह ने कहा डेंगू के संभावित खतरों से निपटने के लिये सभी जरूरी पूर्व तैयारियां की गयी हैं । अररिया सदर अस्पताल व अनुमंडल अस्पताल फारबिसगंज में डेंगू मरीजों के उपचार के लिये विशेष वार्ड बनाये गये हैं। सभी पीएचसी में डेंगू जांच किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करायी गयी है। सदर अस्पताल में डेंगू मरीजों के प्लेटलेट्स जांच के लिये सीबीसी जांच की सुविधा उपलब्ध है। डेंगू के गंभीर मामले जिसे हैमोरेजिक फीवर के नाम से जाना जाता,इसमें रोगी के शरीर में प्लेटलेट्स काफी कम हो जाता है। ऐसे मरीजों को तत्काल उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर करना जरूरी होता है। इसके लिये सभी पीएचसी से 24 घंटे नि:शुल्क एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध है।

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जिले में डेंगू के मामलों में आयी है कमी :

बीते तीन साल से जिले में डेंगू के मामले लगातार कम हो रहे हैं। वर्ष 2019 में जिले में डेंगू के 62 मामले सामने आये। वहीं वर्ष 2020 में 47 व वर्ष 2021 में डेंगू के महज 33 मामले ही सामने आये। इस वर्ष जिले में डेंगू का एक भी मामला सामने नहीं आया है। डीवीबीडीसीओ डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया कि बीते वर्षों में जो डेंगू के मामले जिले में सामने आये हैं वो दरअसल राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली जैसे बड़े शहरों में रोग से प्रभावित होकर लौटने वाले लोगों से जुड़े हैं। ऐसे सभी मरीजों की पहचान करते हुए समुचित उपचार ही नहीं संबंधित पूरे गांव में फॉगिंग करायी गयी है।

लक्षणों के आधार हो सकती है रोग की पहचान

  • अचानक तेज सिर दर्द, व बुखार होना
  • मांसपेशियों व जोड़ों में असहनीय दर्द
  • आंखों के पीछे दर्द होना, जो आंख घुमाने पर बढ़े
  • जी मिचलाना, उल्टी होना
  • गंभीर मामलों में नाक, कान, मुंह -मसूड़ों से खून आना व त्वचा पर चकते उभरना

आसान उपायों से है रोग से बचाव संभव

  • घर के आसपास पानी जमा होने नहीं दें
  • कूलर, पानी टंकी का पानी समय समय पर बदलते रहें
  • डेंगू के मच्छर दिन के समय काटते हैं. इसलिये बदन को कपड़ों से ढकें
  • लक्षण दिखने पर तत्काल नजदीकी अस्पताल में अपना इलाज करायें.

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