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होली खेलने वाले लोग सोचने पर मजबूर..!

[Edited By: Robin Raj]

पटनासिटी(न्यूज़ क्राइम 24): होली भाईचारे और खुशियों का त्योहार है पर इस बार कोरोना को लेकर होली का रंग फीका रहने के आसार है ! वही बाजार में मिल रहे मिलाबटी रंग और अबीर से होली खेलने वाले लोग सोचने पर मजबूर है. राजधानी समेत पटना सिटी के खाजेकला बाजारों में मिलने वाले चमकीले रंग – अबीर में कौन मिलावटी है और कौन नहीं , इसे पहचानना लोगो के लिए मुश्किल हो रहा है ! हलाकि स्किन के डॉक्टर होली में हरवल रंग से होली खेलने की सलाह दे रहे है पर बाजार में हरवल रंग के नाम पर मिलावटी रंग बेचा जा रहा है, खाजेकला मंडी में रंग दुकानदार भी इसे मान रहे है की हरवल के नाम पर मिलावटी रंग अबीर बेचा जा रहा है.

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वही लोगो को बाजार में मिल रहे रंगो से होली खेलने में उन्हें डर लग रहा है , इन रगो से होली का त्यौहार बदरंग हो सकती है और उन्हें डाक्टर के यहाँ भी जाना पड़ सकता ! बाजारों में बिक रहे रंग में कारोबारी हानिकारक केमिकल मिला कर रंग को चमकीला बना रहे है ! जो त्वचा को खासा नुकसान पहुँच सकता है ! बही बाजारों में बिकने वाला रंग त्वचा के लिए हानिकारक या नहीं इसका पता लोगो को नहीं है ! मिलावटी रंगो से होली खेलना घातक हो सकता है और उनकी त्वचा केमिकल से झुलस सकती है !वही रंग अविर खेलने वाले महिलाओ का कहना था की हरवल अबीर से होली सेलिब्रेट करने के बाद भी उनके त्वचा में जलन महसूस हो रहा है !इस तरह से चहरे को नुकसान भी पहुँच सकता है और उन्हें डाक्टर के पास जाना पड़ सकता है.

वही चिकित्सक की माने तो हानिकारक केमिकल से बना रंग – गुलाल से होली खेलनेसे परहेज करना चाहिए नहीं तो इस तरह के रंग से त्वचा झुलस सकती है और वे चर्म रोग का शिकार हो सकते है ! साथ ही जख्म का रूप भी ले सकता है ! ऐसे में चिकित्सक इन मिलावटी रंगो के इस्तेमाल से बचने और प्राकृतिक रंग से होली खेलने की सलाह दे रहे है ! साथ रंग खेलने के पहले चेहरे पर क्रीम लगाने की भी सलाह दी है।

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