बिहार

पोषण ट्रैकर एप को लेकर महिला पर्यवेक्षिकाओं एवं पोषण अभियान के प्रखंड समन्वयक को किया गया प्रशिक्षित

पूर्णिया(न्यूज क्राइम 24): जिले में आईसीडीएस के माध्यम से संचालित किए जा रहे सभी कार्यक्रमों की शत-प्रतिशत निगरानी के साथ ही मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया को अपग्रेड किया जा रहा है। जिसको लेकर राज्य सरकार ने पोषण ट्रैकर के नाम से एक ऑनलाइन एप विकसित किया है। इसके माध्यम से जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी एवं मूल्यांकन में आसानी होगी। इस योजना को गति देने के उद्देश्य से शनिवार को जिला परियोजना कार्यालय में आईसीडीएस की डीपीओ रजनी गुप्ता के नेतृत्व में राष्ट्रीय पोषण अभियान की जिला समन्वयक निधि प्रिया एवं परियोजना सहायक सुधांशु के द्वारा जिले की सभी महिला पर्यवेक्षिका (एलएस) एवं प्रखंड समन्वयक को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

रियल टाइम मॉनिटरिंग की प्रक्रिया को मिलेगी मजबूती: डीपीओ


जिला परियोजना प्रबंधक रजनी गुप्ता ने बताया कि जिले के सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं को प्रशिक्षण कार्यक्रम की सफलता को लेकर विभाग ने सभी पंचायत में निगरानी का जिम्मा संबंधित प्रखंड की सीडीपीओ को दिया है। ताकि प्रशिक्षण स्थल पर जाकर भौतिक सत्यापन कर सकें कि सेविकाओं ने अपने स्मार्ट फोन में एप को डाउनलोड किया है या नहीं। एप के प्रशिक्षण के बाद स्थानीय स्तर पर सेविकाओं के द्वारा दी जा रही सभी पोषण से संबंधित गतिविधियों की जानकारी पोषण ट्रैकर एप पर नियमित रूप से अपलोड की जाएगी।

जिससे रियल टाइम मॉनिटरिंग की प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी। आंगनबाड़ी केंद्रों की महत्ता को देखते हुए अब इसे पूरी तरीके से हाईटेक करने की तैयारी की जा रही है। ताकि आईसीडीएस के स्तर पर दी जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता व संचालन को और अधिक सुविधाजनक और सरल बनाया जा सके। इसके लिए राज्य सरकार ने पोषण ट्रैकर एप की शुरुआत की है। इस एप के सफल संचालन के बारे में प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागी अपने-अपने प्रखंड में भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर प्रखंड की सेविका समेत अन्य कर्मियों को भी प्रशिक्षित करेंगे।

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एप के माध्यम से कुपोषण से संबंधित मामलों को सूचीबद्ध करने में होगी सहूलियत: निधि प्रिया


राष्ट्रीय पोषण अभियान की ज़िला समन्वयक निधि प्रिया ने बताया कि एप के माध्यम से कुपोषण से संबंधित मामलों को सूचीबद्ध करने के साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र के पोषक क्षेत्रों में गर्भवती एवं धातृ महिलाएं, शून्य से लेकर तीन वर्ष के बच्चे, 03 से 6 वर्ष के बच्चे, किशोर एवं किशोरियों के साथ ही आंगनबाड़ी के अंतर्गत पोषक क्षेत्र के अनाथ बच्चों के अलावा उन सभी के स्वास्थ्य की जानकारी नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविकाओं के द्वारा अपलोड की जाएगी।

जिससे विभाग के द्वारा कुपोषण से संबंधित मामलों को सूचीबद्ध करने के साथ ही नियमित निगरानी भी आसान हो जाएगी। एप के माध्यम से सेविकाओं द्वारा क्षेत्र में उपस्थित नवजात शिशुओं, गर्भवती-धातृ महिलाओं के पोषण व स्वास्थ्य की जानकारी, टीएचआर का वितरण, बच्चों के ग्रोथ की मॉनिटरिंग आदि तमाम जानकारी दर्ज करेंगी। प्रशिक्षकों के द्वारा सभी सेविकाओं के स्मार्ट फोन में पोषण ट्रैकर एप डाऊनलोड करने और उसका उपयोग करने की जानकारी दी गई है। क्योंकि जिले की सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं को पहले ही स्मार्ट फोन उपलब्ध कराया जा चुका है।

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