उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

बलिया(संजय कुमार तिवारी): शिक्षामित्रों व अनुदेशक को जून माह का मानदेय देने एवं प्राप्त आकस्मिक अवकाश को प्रतिमाह लेने की अनिवार्यता को समाप्त करने के लिए जिलाधिकारी को पत्रक सौंपा । पत्रक के माध्यम से अवगत कराया कि प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षा मित्र व अनुदेशक को जून माह का मानदेय न मिलने के कारण उनको आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। परिवार के सभी सदस्यों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी के कारण वे मानसिक तनाव में हैं महोदय आकस्मिक अवकाश प्रतिमाह लेने की अनिवार्यता के नियम अव्यहारिक एवं नाकारात्मक है। यदि उनके द्वारा आकस्मिक अवकाश किसी माह में न लिया जाय तो वह समाप्त हो जाता है और माह में एक से अधिक आकस्मिक अवकाश लेने की आवश्यकता होने पर उन्हें नहीं मिलता इस कारण उनको दिक्कतों के साथ-साथ अपने वेतन से कटौती भी करानी पड़ जाती है।

महोदय हमारा राज्य सदैव सभी कर्मियों के लिए कल्याणकारी रहा है अतः आपसे करबद्ध अनुरोध करती हूँ कि शिक्षा मित्र व अनुदेशक के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उक्त विषय पर व्यवहारिक, साकारात्मक शासनादेश जारी करने की कृपा करें! इस दौरान रंजना पांडे जिलाध्यक्ष उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमती विजेता सिंह, उपाध्यक्ष श्रीमती सुमन चतुर्वेदी, श्रीमती मंदाकिनी द्विवेदी, सत्यमम्दा तिवारी, विभा सिंह, निरुपमा मिश्रा, महामंत्री श्रीमती शिल्पा चौरसिया, मंत्री श्रीमती माया राव, संयुक्त मंत्री श्रीमती सरोज सिंह ,संगठन मंत्री श्रीमती रमिता देवी, मीरा भारती , शबाना परवीन, कोषाध्यक्ष विवा श्रीवास्तव, मीडिया प्रभारी पूनम सिंह, सदस्य कोर कमेटी नीतू उपाध्याय, मणि सिन्हा, रीता राजभर रहे मौजूद।