फुलवारी शरीफ, अजित। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के अंगीभूत संस्थानों बिहार पशु चिकित्सा महाविद्यालय, पटना तथा बिहार स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी, पटना में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया. इस दौरान शिक्षकों, वैज्ञानिकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने पौधारोपण कर हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण का संकल्प लिया
बिहार स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी, पटना परिसर में आयोजित कार्यक्रम का नेतृत्व संस्थान के अधिष्ठाता डॉ. राकेश कुमार ने किया. कार्यक्रम का समन्वय डॉ. दिवाकर मिश्रा एवं डॉ. रोहित कुमार ने किया. इस अवसर पर परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए।
अपने संबोधन में डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि वृक्ष पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने तथा भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का आह्वान किया
वहीं बिहार पशु चिकित्सा महाविद्यालय, पटना के पशुधन प्रक्षेत्र परिसर में भी वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में निदेशक अनुसंधान डॉ. एन. के. सिंह, निदेशक आवासीय निदेश-सह-अधिष्ठाता स्नातकोत्तर शिक्षा डॉ. पंकज कुमार सिंह, निदेशक प्रसार डॉ. निर्मल सिंह दहिया, वित्त नियंत्रक संजय कुमार पाठक, डॉ. रविकांत निराला, डॉ. विपिन कुमार, डॉ. ज्ञान देव सिंह, डॉ. दुष्यंत, डॉ. संजीव, डॉ. मृत्युंजय, डॉ. अंकेश, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. सरोज रजक, डॉ. सूचित तथा डॉ. मनमोहन सहित बड़ी संख्या में वैज्ञानिक, शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर निदेशक अनुसंधान डॉ. एन. के. सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें संरक्षित कर वृक्ष के रूप में विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है. उन्होंने कहा कि यदि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल की जाए, तभी वृक्षारोपण अभियान अपने वास्तविक उद्देश्य को प्राप्त कर सकेगा. उन्होंने सभी लोगों से वृक्ष लगाने के साथ-साथ उन्हें बचाने का भी संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन तथा हरित परिसर के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि सतत सामाजिक दायित्व है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है।
