अररिया, रंजीत ठाकुर : महिला संवाद ग्रामीण और दूर-दराज की महिलाओं को जागरूक करने का एक बेहतर विकल्प साबित हो रहा है। इसके माध्यम से बड़ी संख्या में महिलाएं जागरूक हो रही हैं। अपने अधिकारों और सुविधाओं के प्रति सजग हो रही हैं। महिला सशक्तिकरण की दिशा में निश्चित रूप से यह अच्छे संकेत कहे जा सकते हैं। अररिया जिले में महिला संवाद का आज 30 वां दिन है। 18 अप्रैल 2025 से यह संवाद अनवरत रूप से जारी है।
शनिवार को भी अररिया जिले में 36 स्थानों पर महिला संवाद का कायर्क्रम संपन्न हुआ। संवाद रथ के माध्यम से दूर-दराज ग्रामीण इलाके की महिलाओं के बीच एलईडी के माध्यम तीन लघु फिल्म दिखाए जाते हैं। जिसमें सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से महिला सशक्तिकरण के ऊपर, ग्रामीण विकास विभाग की ओर से जीविका की सफलता की कहानियों का प्रदर्शन एवं तीसरा वीडियो माननीय मुख्यमंत्री महोदय के नेतृत्व में बिहार की विकास यात्रा से संबंधित जानकारी है। इसके अलावा वहां सरकारी योजनाओं की जानकारियों से युक्त लीफलेट भी बांटे जाते हैं। ताकि लोगों तक सभी जानकारी पहुंच सके। इससे खासकर महिलाओं को इसका लाभ मिल रहा है।
इस कार्यक्रम में उपस्थित महिलाएं कई प्रकार की अपनी आकांक्षाएं रखती हैं। ये आकांक्षाएं स्वहित से लेकर लोकहित की भी होती हैं। जिससे एक बड़े वर्ग को लाभ होने की संभावना होती है। इसके तहत सिकटी की मनोरमा देवी ने बाजार-हाट करने में होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए यातायात की उचित सुविधा की मांग की। उनका कहना है कि अब देहाती इलाके में भी सड़क का निर्माण हो चुका है। सड़के बहुत ही अच्छी हैं। लेकिन, शहर या बाजार जाने के लिए ऑटो रिक्शा के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। अगर किसी के पास अपना साधन है तो ठीक है। लेकिन, जिसके पास नहीं है उसे हर काम में परेशानी का सामना करना पड़ता है। बात बाजार करने की हो, इलाज करवाने की हो या किसी दूसरे काम की। बहुत परेशानी झेलनी पड़ती है। अगर छोटी बस सेवा भी शुरू हो जाए तो लोगों को बहुत मदद मिलेगी। इसलिए सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
