यूपी, संजय कुमार तिवारी : बलिया से है जहां बलिया के बांसडीह तहसील क्षेत्र के महाराजपुर गांव के समीप घाघरा नदी के कटान से इलाकाई लोगों में दहशत का माहौल है।घाघरा नदी के कटान से किसानों की उपजाऊ भूमि नदी में विलीन हो गई लेकिन अब घाघरा नदी गांवों की तरफ रुख कर दिया है जिसके बाद लोगों की रातों की नीद हराम हो गई है। महाराजपुर गांव को बचाने के लिए करोड़ों रुपए की प्रोजेक्ट पानी में चला गया और प्रोजेक्ट जाने के बाद अब गांवों को बचाने के लिए बाढ़ विभाग झाड़ झांखड़ डालकर बचाने का प्रयास कर रहा है कि गांवों का अस्तित्व को बचाया जा सकें।बाढ़ विभाग ने एक बडी गलती यह कर दी कि जहां नदी कटान कर रही है वही से मिट्टी निकाल कर बोरियों में भरकर पानी डाला जा रहा है।
वही कटान पीड़ित वीरेंद्र यादव ने बताया कि बाढ़ के वजह से कटान चल रहा है और जुलाई अगस्त जिस तरह से काम चल रहा था अब काम काफी धीमी गति से चल रहा है आज भीषण कटान है और बीस मजदूर लगे है दो सौ मीटर कटान तेजी से हो रहा है और मजदूरों की संख्या बढ़ानी चाहिए लेकिन मजदूरों की संख्या कम है जिसके वजह से कटान रोक पाना मुश्किल है अधिकारियों से हम लोग बात करेंगे कि मजदूरों की संख्या बढ़ाई जाए क्योंकि अभी कुछ बिगड़ा नही हैं।अभीतक चार मकाने तोड़ी गई है जिस तरह नदी कटान कर रही है उस हिसाब से बंधा को काटने में नदी देर नही करेगी।मुख्यमंत्री के पास हम लोगों की बातें जनप्रतिनिधियों के द्वारा नही पहुचाई जा रही है अगर पहुचाई गई होती तो शायद मुख्यमंत्री हमारे जॉन को बचाने के लिए कुछ जरूर करते हमे पूरा विश्वास है। मुख्यमंत्री के भावों से हमे लगता है कि मुख्यमंत्री हमारे गांवों को बचा सकते है। ज़रा गौर से सुनिए कटान पीड़ित में कहा कि मुख्यमंत्री पर भरोसा है कि हमारे गांव को मुख्यमंत्री जी बचा लेंगे।
