बिहार

नवाबगंज के प्राथमिक विद्यालय खोपड़िया का शिक्षा व्यवस्था बदहाल, बच्चों का भविष्य अंधकार मय

अररिया, रंजीत ठाकुर। नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र में आज एक ऐसा भी विद्यालय है जहां बिना शिक्षक का किया जा रहा है संचालन। यह मामला कहीं और का नहीं बल्कि भारत नेपाल सीमा से सटे नवाबगंज पंचायत के खोपड़िया बस्ती का है।

प्राथमिक विद्यालय खोपड़िया बस्ती में कुल कार्यरत शिक्षक पांच है जिसमें हेड शिक्षिका पुनिति कुमारी, सहायक शिक्षक पवन कुमार साह,अशोक कुमार राम,मोतिउर रहमान,रुकसाना बानो कार्यरत हैं। जिसमें से पुनिति कुमारी मातृत्व अवकाश में हैं जबकि पवन कुमार साह और अशोक कुमार राम बीएलओ के कार्य में है।तथा रुकसाना बानो वीक्षण कार्य में अन्य विद्यालय में प्रतिनियुक्त है।इसके बाबजूद सहायक शिक्षक मोतिउर रहमान का प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा एक माह पूर्व से ही बेला पंचायत के तीन खम्भा प्राथमिक विद्यालय में प्रतिनियुक्ति कर दिया गया है। ऐसी स्थिति में विद्यालय में पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इस मामले को लेकर आज मंगलवार को स्थानीय लोगों ने विद्यालय पहुंचकर आक्रोश जताते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नरपतगंज पर रुपए लेकर शिक्षक का प्रतिनियुक्त करने का आरोप लगाया है।

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मौके पर उपस्थित वार्ड सदस्य राजेश्वर प्रशैला ने आरोप लगाया है कि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नरपतगंज के द्वारा मोटी रकम लेकर शिक्षक मोतिउर रहमान का प्रतिनियुक्त उनके घर के समीप किया गया है और यहां के विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं का भविष्य को अंधकार में रखा गया है। वहीं अशोक कुमार यादव ने कहा विद्यालय को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने बर्बाद कर रखा है। जबकि नरेश प्रशैला ने बच्चों के भविष्य को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी पर बर्बाद करने का आरोप लगाया है। इस बाबत 2 दिन को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नरपतगंज शिवनारायण कुमार सुमन ने बताया कि मोतिउर रहमान का प्रतिनियुक्त समाप्त कर दिया गया है सोमवार से मूल विद्यालय में पदस्थापित रहेंगे जबकि आज मंगलवार को सहायक शिक्षक मोतिउर रहमान से मोबाइल फोन के माध्यम से बात करने पर उन्होंने बताया कि अभी तक मुझे प्रतिनियुक्ति समाप्त करने का कोई लेटर प्राप्त नहीं है। कुल मिलाकर यह देखा और समझ गया है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था सुधार करने में लाख प्रयास कर ले लेकिन क्षेत्रीय पदाधिकारी व्यवस्था को सुधार नहीं होने देने पर ठान लिया है। जिसका जीता जागता उदाहरण इस विद्यालय का है।

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