पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) पटना साहिब सांसद एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद भारत के संसदीय प्रतिनिधि मंडल के नेता के रूप में यूरोप के 6 देश; फ्रांस, इटली, डेनमार्क, इंग्लैंड, बेल्जियम और जर्मनी के दौरे पर 25 मई से 7 जून तक है। श्री प्रसाद के अगुवाई में नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल फ्रांस में अपनी यात्रा के प्रथम चरण के दौरान सीनेट और नेशनल असेंबली के सदस्यों, फ्रांसीसी सांसदों, थिंक टैंक, भारतीय प्रवासियों के विभिन्न वर्गों के साथ विचार विमर्श किया साथ ही मीडिया से भी रूबरू हुए।
फ्रांस में फ्रेंच थिंक टैंक और भारतीय समुदाय के साथ अपनी चर्चा के दौरान श्री प्रसाद ने अपने प्रतिनिधिमंडल के सहयोगियों के साथ आतंकवाद के खिलाफ भारत की अडिग प्रतिबद्धता को जोरदार तरीके से व्यक्त किया। श्री प्रसाद ने कहा कि प्रवासी समुदाय ने एकजुटता का जो प्रदर्शन किया, वह न केवल प्रभावशाली था, बल्कि भावनात्मक भी था। हमने फ्रेंच थिंक टैंक के साथ 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में पाकिस्तान की संलिप्तता के बारे में विस्तार से चर्चा की, जिसमें भारत की प्रतिक्रिया और ऑपरेशन सिंदूर के बारे में भी जानकारी दी, जिसने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में अनेकों आतंकवादी और उनके बुनियादी ढांचे को नेस्तनाबूद किया।
श्री प्रसाद ने भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को शांति और विकास को बाधित करने की साज़िश बताया। उन्होंने कहा कि भारत की प्रतिक्रिया “ऑपरेशन सिंदूर” एक “सटीक, लक्षित, अनुपातिक और गैर-उत्तेजक” सैन्य कार्रवाई थी, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान समर्थित आतंकी शिविरों को समाप्त करना था। भारत शांति का पक्षधर है, लेकिन निर्दोष भारतीयों की हत्या की कीमत आतंकियों को चुकानी होगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में आतंकवाद और सरकारी तंत्र एक साथ हैं, इसलिए हर आतंकी घटना को युद्ध के रूप में देखा जाएगा। प्रवासी भारतीय समुदाय के सदस्यों ने भारत के साथ एकजुटता व्यक्त की और बताया कि उन्होंने पेरिस के एफिल टावर पर पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवाद के विरोध में प्रदर्शन भी किया था।
श्री प्रसाद ने कहा कि यह बातचीत न केवल भारत और फ्रांस के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को उजागर करती है, बल्कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी की गहराई को भी दर्शाती है। इस चर्चा ने एक बार फिर से साबित किया है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत और फ्रांस एकजुट हैं।
