बिहार

टीबी मुक्त भारत अभियान को मिलेगा नया विस्तार, 8 अक्टूबर को होगा ‘जोश’ टीमों का भव्य राज्य व जिला स्तरीय शुभारंभ

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार सहित पूरे देश में तपेदिक उन्मूलन के संकल्प को और अधिक गति देने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत एक विशेष पहल शुरू की गई है। युवाओं की ऊर्जा और जमीनी स्तर पर जन-भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए गठित ‘जोश’ (ज्वाइंट स्क्वाड फॉर हेल्थ) टीमों का पहला चरण आगामी 8 अक्टूबर 2026 से धरातल पर उतरेगा। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लॉन्च के साथ-साथ देश भर के जिलों में भी जिला-स्तरीय कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया जाएगा।

बिहार के 21 जिलों की 546 पंचायतों का हुआ चयन:
केंद्रीय रिपोर्ट के अनुसार, देश के 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 697 जिलों की कुल 67,933 पंचायतों को ‘टीबी मुक्त पंचायत’ घोषित किया गया है। इस गौरवशाली सूची में बिहार के 21 जिलों की 546 पंचायतें भी शामिल हैं, जिन्हें सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा, राज्य के समस्तीपुर, कटिहार, सीतामढ़ी, सीवान, पश्चिम चंपारण और गोपालगंज समेत प्रमुख जिलों को ‘जोश’ टीम के पहले चरण के पायलट लॉन्च के लिए चुना गया है।

क्या होगी ‘जोश’ टीम की कार्यप्रणाली?

ब्लॉक और वार्ड स्तर पर तैयार की जाने वाली प्रत्येक ‘जोश’ टीम में ‘माय भारत’ के 5 स्वयंसेवक और 5 एनसीसी कैडेट शामिल होंगे, जिनका नेतृत्व एक नामित क्लास-I नोडल अधिकारी करेंगे। यह विशेष युवा दस्ता घर-घर जाकर टीबी के लक्षणों के प्रति जागरूकता फैलाएगा, संभावित मरीजों की पहचान करेगा और विशेष मोबाइल ऐप के माध्यम से रियल-टाइम रिपोर्टिंग सुनिश्चित करेगा।

प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज :


राज्य और जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि 8 अक्टूबर को होने वाले कार्यक्रमों के दौरान राष्ट्रीय लॉन्च के सीधे प्रसारण की व्यवस्था की जाए। साथ ही, टीबी मुक्त घोषित पंचायतों के प्रतिनिधियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य अधिकारियों और ‘टीबी विजेताओं’ की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए उन्हें सम्मानित किया जाए ताकि इस जन-आंदोलन को और अधिक मजबूती मिल सके।

पीएमसीएच के पूर्व चेस्ट स्पेशलिस्ट डॉ. बी.के.चौधरी ने बताया कि “टीबी मुक्त भारत अभियान अब केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह जन-भागीदारी का एक बड़ा आंदोलन बन चुका है। अब जिलों में ‘जोश’ टीमों का गठन किया जा रहा है, जिसमें भारत के युवा स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेटों को शामिल किया गया है। यह युवा ब्रिगेड जमीनी स्तर पर जाकर गांवों और वार्डों में टीबी के प्रति जागरूकता फैलाएगी और संदिग्ध मरीजों को समय पर इलाज से जोड़ने में मदद करेगी।

Related posts

विधायक रत्नेश कुशवाहा ने सिंघानिया परिवार से की मुलाकात, दी सांत्वना

360वें प्रकाश पर्व की तैयारियां को लेकर प्रबंधक समिति के पदाधिकारियों ने विधायक रत्नेश कुशवाहा के साथ की अहम बैठक

झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी देकर, 90 लाख की वसूली, महिला हुए गिरफ्तार!

error: