फुलवारीशरीफ, अजीत। पटना जिले के मसौढ़ी थाना क्षेत्र में शुक्रवार की देर शाम अपहरण की एक वारदात ने हिंसक रूप ले लिया. अपहृत युवक को अपराधियों के चंगुल से मुक्त कराने पहुंची पुलिस टीम पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में मसौढ़ी के प्रभारी थानाध्यक्ष राहुल कुमार तथा एएसआई संजय कुमार गोली लगने से घायल हो गए. घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार नगर के मनीचक धाम तालाब के समीप से एक युवक का हथियारबंद बदमाशों द्वारा अपहरण कर लिया गया था. बताया जाता है कि कार से पहुंचे करीब आधा दर्जन अपराधी युवक को जबरन पश्चिमी खंधा की ओर ले जा रहे थे. इस दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन बदमाशों ने हथियार दिखाकर उन्हें डरा दिया।
घटना की सूचना मिलते ही मसौढ़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस को देखते ही अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला. दोनों ओर से चली गोलियों से पूरा इलाका दहल उठा. मुठभेड़ के दौरान प्रभारी थानाध्यक्ष राहुल कुमार के पैर में गोली लग गई, जबकि एएसआई संजय कुमार के हाथ में गोली के छर्रे लगे. घायल होने के बावजूद पुलिस टीम ने साहस का परिचय देते हुए मोर्चा संभाले रखा।
इसी अफरातफरी के बीच अपहृत युवक बदमाशों के कब्जे से निकलकर पुलिस के पास पहुंच गया, जिससे उसकी जान बच गई. युवक को सुरक्षित पुलिस संरक्षण में लिया गया है. सूत्रों के अनुसार मामला ऑनलाइन मोबाइल खरीद-बिक्री से जुड़ा हो सकता है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
घटना के बाद अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए. पुलिस ने घटनास्थल से एक बाइक जब्त की है तथा कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया और देर रात तक सघन तलाशी अभियान जारी रहा।
घायल प्रभारी थानाध्यक्ष राहुल कुमार और एएसआई संजय कुमार को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए एम्स पटना भेजा गया. दोनों के एम्स पहुंचते ही पटना पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकों को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. देर रात तक अस्पताल में पुलिस अधिकारियों का आना-जाना लगा रहा।
घटना की सूचना मिलते ही पटना के वरीय पुलिस पदाधिकारी, एसडीपीओ तथा आसपास के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई. अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर छापेमारी शुरू कर दी गई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों की पहचान कर ली गई है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मसौढ़ी की इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अपराधी अब पुलिस पर हमला करने से भी नहीं हिचक रहे हैं. हालांकि पुलिस की तत्परता और बहादुरी से अपहृत युवक की जान बच गई और एक बड़ी आपराधिक वारदात टल गई।
