पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना में गुरुवार से प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना पीड़ित अस्पताल में भर्ती एवं सुनिश्चित उपचार योजना (पीएम-राहत) की शुरुआत की गई है। इस योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को समय पर कैशलेस इलाज उपलब्ध कराना है ताकि पैसे की कमी के कारण किसी मरीज को जरूरी चिकित्सा सुविधा मिलने में परेशानी न हो।
इस योजना के तहत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों तक ₹1.5 लाख तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा योजना के निर्धारित नियमों और पात्रता संबंधी शर्तों के अनुसार दी जाएगी। इसका उद्देश्य दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को समय पर इलाज, प्राथमिक उपचार और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। एम्स पटना के ट्रॉमा एवं इमरजेंसी विभाग की इस योजना के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका होगी। योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए संबंधित चिकित्सा विभागों, अस्पताल प्रशासन और अन्य संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। इसके तहत पात्र मरीजों के इलाज और आवश्यक औपचारिकताओं को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरा किया जाएगा।
एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि संस्थान मरीजों को समय पर और बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस योजना से बिहार और आसपास के क्षेत्रों के सड़क दुर्घटना पीड़ितों को आपातकालीन चिकित्सा सुविधा प्राप्त करने में मदद मिलेगी। एम्स पटना के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. प्रशांत कुमार सिंह ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अस्पताल के विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और उचित प्रशासनिक व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पात्र मरीजों को योजना के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
ट्रॉमा एवं इमरजेंसी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार ने सड़क दुर्घटना के घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता देने, उनकी स्थिति का आकलन करने और आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराने के महत्व पर जोर दिया। विभाग में निर्धारित चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुसार मरीजों का इलाज किया जाएगा। एम्स पटना में इस योजना के लिए नामित नोडल अधिकारी डॉ. सुजीत कुमार सिन्हा (उप चिकित्सा अधीक्षक) इसके क्रियान्वयन से संबंधित कार्यों का समन्वय करेंगे। साथ ही, पात्र मरीजों के सत्यापन, आवश्यक दस्तावेजों और अन्य निर्धारित प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा।
पीएम-राहत योजना भारत सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को समय पर आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। सड़क दुर्घटना की स्थिति में सहायता के लिए आम नागरिक राष्ट्रीय आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर संपर्क कर सकते हैं। इस योजना की शुरुआत के साथ एम्स पटना ने बिहार के लोगों को सुलभ, समय पर और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने तथा आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
