पटना एम्स में प्लाज्मा दान शिविर का आयोजन

 पटना एम्स में प्लाज्मा दान शिविर का आयोजन
Advertisement
Ad 3
Advertisement
Ad 4
Digiqole Ad

फुलवारीशरीफ(अजित यादव): बिहार में कोरोना महामारी के बढ़े संक्रमण से प्रभावित जरुरतमंद कोरोना मरीजों के लिए आभाव बना प्लाज्मा की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए सोशल यूथ फोरम और एम्स पटना के सहयोग से स्वैच्छिक प्लाज्मा दान शिविर का आयोजन,पटना एम्स,ब्लड बैंक में  किया गया। इस मौके पर पटना एम्स के निदेशक डॉ.पीके सिंह ने कहा कि पूरे देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर रोज लाखों लोगों पर कहर बरपा रही है। इन परिस्थितियों में जीवनदायनी बना ऑक्सीजन और दवाइयों के बाद अब कोविड संक्रमित जरुरतमंद मरीजों को ठीक करने के लिए “प्लाज्मा थेरेपी” की मांग हो रही है. लेकिन जागरूकता के आभाव में इस के डोनर मिल नहीं रहे है. इसकी उपलब्धता सुनिश्चित कराने  के लिए पटना एम्स ,ब्लड बैक की ओर से आयोजित प्लाज्मा डोनर जागरूकता अभियान निश्चित रूप से जरुरतमंद कोरोना मैरीजों के लिए उपयोगी साबित होगा. इस के डोनर की जितनी भी प्रशंसा की जाय कम है. जो पल्ज्मा डोनेट कर कोरोना मरीजों को जीवन देने का काम किया है. इस के प्रति हम सभी आभार व्यक्त करते हैं. निदेशक डॉ.सिंह ने इस मौके पर प्लाज्मा डोनर करने वालों प्रशांत,डॉ.राहुल, आयुषी आदि को प्रमाण –पत्र कर सम्मानित भी किये.

Advertisement
GOLU BHAI
Advertisement
MS BAG

इस अवसर पर पटना एम्स, ब्लड बैंक की प्रभारी डॉ० नेहा सिंह ने कहा आज के इस प्लाज्मा दान शिविर में 25 दानवीरों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है , जिस में आज सात लोगों ने अपना प्लाज्मा डोनेट किया है. इस मौके पर एम्स पटना के निदेशक पीके सिंह,चिकित्सा अधीक्षक सीएम सिंह,उप डीन डॉ वीना सिंह, कोविद-19 के नोडल अधिकारी संजीव कुमार, डॉ बंकिम, कमलेश मिश्रा , ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन की टीम सहित प्रधान, डॉ राहुल, (एम्स) ,डॉ सुमन के आलावा सोशल यूथ से जुड़े सदस्य शामिल थे. डॉ० नेहा ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में अधिक से अधिक लोग प्रभावित हो रहे हैं,यैसे समय में कोरोना संक्रमित जरुरतमंद रोगियों के लिए प्लाज्मा जीवनदायनी बना है. इस के लिए सभी प्लाज्मा डोनरों के प्रति पटना ब्लड बैक और सोशल यूथ आभार व्यक्त किया है.

Advertisement
Ad 2

डॉ० नेहा ने बताया कि एक व्यक्ति के प्लाज्मा डोनेट करने से किसी भी दो मरीज की जान बचाया जा सकता है. एक व्यक्ति जो कोरोनोवायरस के लिए पॉजिटिव टेस्ट किए जाने के तकरीबन 28  दिनों बाद कोरोनोवायरस से ठीक हो चुका है, वो प्लाज्मा दान कर सकता है. अगर वह व्यक्ति वैक्सीन ले चुके हैं,तो और भी अच्छा है. इस में 18 से 65 साल वाले व्यक्ति, जिस का एंटीबॉडी कम से कम 6 है. सुगर रोग से पीड़ित व्यक्ति भी जो दवा खा रहे हैं दे सकते, लेकिन जो इन्सुलिन थेरेपी ले रहे हैं तो वह व्यक्ति नहीं दे सकते हैं. महिलाएं जो पूर्ण रूप से गर्भधारण किया हो,योग्य नहीं है. प्लाज्मा डोनेशन से जुड़ी जानकारी इस मोबाईल नंबर 94704 67893 पर भी ले सकते हैं.


डॉ० नेहा ने बताया कि पटना एम्स बिहार सेंटर ऑफ एक्सलेंस के तौर पर स्थापित है. जहाँ न सिर्फ कोरोना मरीजों का ईलाज किया जा रहा है. बल्कि यह बिहार में प्लाज्मा डोनेशन का प्राईम सेंटर भी है. यहाँ प्लाज्मा डोनेशन के लिए अधुनिक मशीन भी उपलब्ध है ,जो डोनर के शरीर से सुरक्षित और बिना कोई नुकशान के प्लाज्मा निकालता है. इस में डोनर को किसी तरह की परेशानी बिलकुल नहीं होती है. इस ब्लड प्लाज्मा अभियान में डॉ वंदना डॉ रवीश डॉ वीणा डॉ फैजा एवं डॉ मिथिलेश ने अहम रोल अदा किया। 

Digiqole Ad

News Crime 24 Desk

Related post

error: Content is protected !!