पटना, अजित। फुलवारीशरीफ अंचल सह प्रखंड कार्यालय में जमीन से जुड़े कार्यों को लेकर आम लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अंचल कार्यालय में दाखिल-खारिज, परिमार्जन, जमीन के रकबे में सुधार, नाम सुधार और जमाबंदी दुरुस्त कराने जैसे मामलों के लिए लोगों को बार-बार कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि अंचल कार्यालय में आयोजित जनता दरबार में भी कई मामलों का समय पर समाधान नहीं हो पा रहा है। जमीन के कागजात में रकबा गलत होने, नाम में त्रुटि रहने या जमाबंदी सही नहीं होने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग अपने जरूरी दस्तावेज लेकर कार्यालय पहुंचते हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं होने पर उन्हें दोबारा आने को कहा जाता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, फुलवारीशरीफ अंचल कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों के हाल में पदस्थापन के बाद भी आम जनता को राहत नहीं मिल पा रही है। लोगों का कहना है कि उन्हें अपने जमीन संबंधी छोटे-छोटे सुधार के लिए भी कई दिनों तक कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
फुलवारीशरीफ अंचल के अंतर्गत आने वाली 14 पंचायतों के लोगों को दाखिल-खारिज, परिमार्जन और जमाबंदी से संबंधित कार्यों में परेशानी होने की बात सामने आ रही है। ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि लंबित मामलों की समीक्षा कर उनका जल्द से जल्द निष्पादन कराया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से अंचल कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े।
वहीं, लोगों की मांग है कि जनता दरबार को प्रभावी बनाया जाए और जमीन संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की जाए। इससे आम लोगों को राहत मिलेगी और अंचल कार्यालय में बार-बार आने की समस्या भी कम होगी। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मामले का संज्ञान लेते हुए फुलवारीशरीफ अंचल कार्यालय में लंबित दाखिल-खारिज, परिमार्जन और जमाबंदी सुधार के मामलों का शीघ्र निष्पादन कराने की मांग की है। वही भाजपा कार्यकर्ता ने भी चेतावनी दी है की अंचल कार्यालय मे जनता का काम नही होगा तो भाजपा ने अंचल कार्यालय मे धरना-प्रदर्शन देगे।
