पटना एम्स में नियंत्रण कक्ष से गायब रहे तीन दण्डाधिकारियों के विरुद्ध प्राथमिकी का आदेश

फुलवारीशरीफ(अजीत यादव): कोविड -19 महामारी में केन्द्र सरकार द्वारा आपदा में मरीजो और तीमारदारों की परेशानियों को देखते हुए विधि व्यवस्था संधारण हेतु प्रतिनियुक्त तीन दण्डाधिकारियों के विरूद्ध पटना के विशेष कार्यपालक दंडाधिकारी जिला नियंत्रण कक्ष पटना, अरुण कुमार सिंह ने फुलवारी शरीफ थानाध्यक्ष को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। प्राथमिकी दर्ज करने के संबंध में आदेश ज्ञापांक -1392 / जि 0 नि 0 क 0 दिनांक -06.04.21 मेंं कहा गया है कि कोविड 19 संक्रमितों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि के मद्देनजर आवश्यकता पड़ने पर एम्स प्रशासन से समन्वय स्थापित करते हुए कोविड रोगियों के समुचित चिकित्सा लाभ उपलब्ध कराने एवं विधि व्यवस्था संधारण हेतु एम्स पटना में नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई थी । जिसमे संजीत कुमार , कृषि समन्वयक , दुल्हिनबाजार , दिलीप ठाकुर , पी 0 आर 0 एस 0 , फुलवारीशरीफ एवमं शशि कुमार , पी 0 आर 0 एस 0 . फुलवारीशरीफ की प्रतिनियुक्ति की गई थी । जिला प्रशासनिक अधिकारी के निरीक्षण में दिनांक -30.04.2021 को तीनों दण्डाधिकारी पटना एम्स के नियंत्रण कक्ष से गायब पाए गए थे जिनके ऊपर कर्तव्य में लापरवाही का आरोप लगा है। इतना ही नही इनके अनुपस्थित पाये जाने से कोरोना संक्रमित रोगियों को दाखिला एम्स पटना में कराने में विलम्ब तो हुआ ही , साथ – साथ विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हुई । कोविड -19 जैसे प्रलयकारी , महामारी के रोकथाम एवं समुचित चिकित्सा लाभ जैसे अतिसंवेदनशील कार्य से संबंधित कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतना , बिना सूचना के अनुपस्थित रहना तथा आदेश की अवहेलना के आरोप में इन तीनों दण्डाधिकारियों के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम , 2005 , ‘ द एपेडेमिक डिजिजेज एक्ट , 1897 ‘ के धाराओं एवं आई ० पी ० सी ० की धारा -188 तथा अन्य अपेक्षित धाराओं के तहत् एफ 0 आई 0 आर 0 दर्ज करने के आदेश फुलवारी शरीफ थानाध्यक्ष को दिया गया है। फुलवारी शरीफ थाना अध्यक्ष ने बताया कि तीनों मजिस्ट्रेट के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।