बिहार

लोकतंत्र के मंदिर और नारी स्वरुप को नीतिश ने किया शर्मसार : ई. रविशंकर

नालंदा, राकेश। बिहारशरीफ भाजपा नालंदा के जिलाध्यक्ष ई. रविशंकर प्रसाद सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर, कल विधानसभा में बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर, अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है!

भारत में संसद और विधानसभा, लोकतंत्र के मंदिर हैं, और भारत और प्रदेश के नागरिकों की आस्था और आकांक्षा इनसे जुड़ी होती है! नारी को देवी स्वरूप में पूजने वाले हमारे बिहार की विधानसभा में कल जिस तरह से, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने देश की नारी जाति के लिए अभद्र और अश्लील भाषा और फूहड़ता का इस्तेमाल किया है, वो हमारे राज्य के लिए नहीं, अपितु हमारे देश के लिए एक काला दिन जैसा है!

यह हमारे बिहार के लिए शर्म की बात है, कि हमारे राज्य के मुख्यमत्री नितीश कुमार ने, भरी विधानसभा में बिहार और देश की नारी शक्ति के प्रति अपनी संकुचित और कुंठित मानसिकता का परिचय दिया है! आज वो भले माफ़ी मांगे, लेकिन ऐसे कुकृत्य को कभी माफ़ नहीं किया जा सकता है!

ई रविशंकर ने कहा, ये लड़ाई दो विपरीत विचारधाराओं की है, एक तरफ हमारी विचारधारा है जो नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाकर महिलाओं को सशक्त बनाती है, वहीं दूसरी तरफ महागठबंधन की अहंकारी सरकार, हमारी नारी शक्ति का सिर्फ अपमान और उनपर अत्याचार करती है! कल पटना में, आंगनवाड़ी सेविकाओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के ऊपर बर्बरतापूर्ण लाठी चार्ज और उनके कपड़े तक फाड़ देना, बिहार सरकार की नारी शक्ति के प्रति उनकी ओछी मानसिकता को दर्शाता है!

हालिया कुछ कारनामों से, नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति का भी पता लगाया जा सकता है, जब वो मंत्री अशोक चौधरी के घर उनके दिवंगत पिता को श्रद्धांजलि देने पहुंचे, उन्होंने उनके पिता की तस्वीर पर फूल बरसाने की जगह अशोक चौधरी पर फूल बरसाये! ऐसे अजीब व्यवहार उनके मानसिक संतुलन पर भी सवालिया निशान खड़े करता है!
कल भाजपा नालंदा अपने महिला मोर्चा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री का पुतला दहन और एक दिवसीय धरना दे, अपना कड़ा विरोध जतायेगी!

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