बिहार

श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंजा इस्कॉन मंदिर, भव्यता के साथ मनाई गई जन्माष्टमी

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बुद्ध मार्ग स्थित इस्कॉन मंदिर में गुरुवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महा महोत्सव भक्ति, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और देर रात तक भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन, पूजन, अभिषेक और भजन-कीर्तन का सिलसिला जारी रहा। मंदिर के पट सुबह 4:30 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए थे।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महा महोत्सव का विधिवत उद्घाटन बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दोपहर 3 बजे किया। इस दौरान उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, आदर्शों और गीता के संदेश पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन धर्म, कर्तव्य, कर्म, सत्य और लोककल्याण का संदेश देता है, जो आज भी पूरी मानवता के लिए प्रासंगिक है।

इस अवसर पर बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद मोहम्मद अता हसनैन भी इस्कॉन मंदिर पहुंचे। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी आस्था निवेदित करते हुए राधा-कृष्ण केशरी विग्रह का अभिषेक किया। राज्यपाल ने मंदिर प्रबंधन द्वारा आमंत्रित किए जाने पर आभार जताया और हरि बोल तथा हरे कृष्ण महामंत्र का उच्चारण किया। उन्होंने लोगों से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों से प्रेरणा लेने की अपील की। मंदिर प्रबंधन की ओर से राज्यपाल का स्वागत किया गया और उन्हें मोर पंख के साथ भगवान राधा-कृष्ण का स्मृति चिह्न भेंट किया गया।

जन्माष्टमी समारोह में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, कला संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद चंद्रवंशी, विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, इस्कॉन टीएमसी के को-चेयरमैन रमन मनोहर दास, सदस्य राधापति चरण दास और वेणु विनोद दास सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस्कॉन के कम्युनिकेशन हेड नंद गोपाल दास के अनुसार, सुबह से देर रात तक तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन और पूजन किए।

जन्माष्टमी के लिए इस्कॉन मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया था। मंदिर की सजावट के लिए बेंगलुरु, पुणे, कोलकाता सहित देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों से करीब 8 टन फूल मंगाए गए थे। फूलों से तैयार विशेष फूल बंगला श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। आकर्षक विद्युत सज्जा से मंदिर परिसर का वातावरण और भी भव्य नजर आया।

सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक श्रद्धालुओं को भगवान का अभिषेक करने का अवसर दिया गया। दिनभर भजन, संकीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों से मंदिर परिसर भक्तिमय बना रहा। महोत्सव का मुख्य आकर्षण मध्यरात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का महाभिषेक रहा। इस दौरान पवित्र जल, पंचगव्य और अन्य पवित्र द्रव्यों से 108 कलशों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण का विधिवत महाभिषेक किया गया। भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के अवसर पर मंदिर परिसर जयकारों, हरिनाम संकीर्तन और भक्ति के उल्लास से गूंज उठा।

मायापुर से आई इस्कॉन की विशेष कीर्तन मंडली की ओर से दो दिन पूर्व से ही कीर्तन मेले का आयोजन किया जा रहा था। मंडली की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद से सराबोर कर दिया। वहीं, विख्यात गायिका प्रिया मलिक ने भी श्रीकृष्ण भक्ति पर आधारित भजनों की विशेष प्रस्तुति दी, जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

मंदिर प्रबंधन के अनुसार, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए जीपीओ गोलंबर से इस्कॉन मंदिर तक विशेष बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी। मंदिर परिसर में दिनभर सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए।

Related posts

श्रीकृष्ण के आदर्शों को जीवन में अपनाकर सत्य, धर्म और कर्म के मार्ग पर आगे बढ़ें : संजय सरावगी

बाढ़ को लेकर तेजस्वी यादव का सरकार पर हमला, बोले- स्थायी समाधान खोजने में विफल है डबल इंजन सरकार

IGIMS पटना में शिक्षक दिवस पर डॉक्टरों और कर्मचारियों ने साझा किए विचार

error: